जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के विरोध में मुस्लिम समाज ने शनिवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। पिपराही थाना क्षेत्र के बसहिया शैख गोट रैन के पास मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर आतंकवाद की निंदा की।
इस दौरान लोगों ने अपनी बाहों पर काली पट्टी बांधी। एक मिनट का मौन रखकर पहलगाम हमले में मारे गए 26 लोगों को श्रद्धांजलि दी। इमाम शरफ आलम ने बताया कि इस हमले में आतंकियों ने निहत्थे पर्यटकों को निशाना बनाया था। मारे गए लोगों में कई राज्यों के पर्यटक और दो विदेशी नागरिक शामिल थे। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। वहीं, प्रधानमंत्री से इसका मुंहतोड़ जवाब देने की मांग की।
यह भी पढ़ें: आतंकी हमले के विरोध में मुंगेर बाजार बंद, लोगों ने लगाए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे
उलेमा हाफिज अब्दुल सलाम ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। यह हमला मानवता और शांति पर हमला है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेगा। उलेमा नजबुल हसन ने देशवासियों से अपील की कि इस दुख की घड़ी में सभी धर्मों के लोग एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ें। देश में शांति और भाईचारा बनाए रखें।
पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए
नेयाज अहमद ने जिले की सभी मस्जिदों से इसी तरह विरोध दर्ज करने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने हिंदुस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
यह भी पढ़ें: पैसेंजर ट्रेन में यात्रियों के साथ मारपीट कर लूटपाट, दो सूटकेस ले गए बदमाश, बैठने को लेकर हुआ था विवाद
मौके पर ये रहे मौजूद
मौके पर मोहम्मद नेयाज अहमद उर्फ मोती, मोहम्मद गुलाब, मोहम्मद जिलानी, मोहम्मद मंजूर सहित मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल रहे।