आज यानी गुरुवार को जिला परिषद मार्केट स्थित बीजेपी जिला कार्यालय में एनडीए के सभी घटक दलों के प्रतिनिधियों ने तिरहुत स्नातक उपचुनाव में राजद प्रत्याशी के नामांकन के बाद मुजफ्फरपुर क्लब में जनसभा आयोजित की। इस दौरान तेजस्वी यादव के द्वारा एनडीए सरकार पर लगाए गए आरोपों पर प्रेस वार्ता में जवाब दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तिरहुत स्नातक उपचुनाव में जदयू उम्मीदवार अभिषेक झा के चुनाव प्रभारी ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के द्वारा लगाए गए आरोप की 22 वर्षों में सांसद देवेशचंद ठाकुर ने तिरहुत का विकास नहीं किया है तो पहले इस बात पर कहा कि नेता विरोधी दल तेजस्वी यादव पहले अपने माता-पिता के किए कार्यकाल में बिहार के विकास के लिए किए गए कार्यों का विवरण तो पटल पर रखें। उन्हें खुद समझ में आ जाएगा कि देवेशचंद ठाकुर ने तिरहुत के लिए क्या कुछ किया है।
इस क्रम में बीजेपी जिला महामंत्री धर्मेंद्र साहू ने कहा कि तेजस्वी यादव ने मंच से कहा कि पीएम मोदी ने नोटबंदी कर लोगों को लाइन में लगाया और सीएम नीतीश कुमार जमीन सर्वे के नाम पर लोगों को लाइन में लगा रहे हैं, जिसे लेकर उन्होंने कहा कि रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लालू यादव ने लोगों की जमीन ले ली। इसीलिए जमीन सर्वे से उन्हें परेशानी हो रही है। इसके साथ ही लोजपा रामविलास के जिला अध्यक्ष चुलबुल शाही का कहना है कि सभी अब उपचुनाव में एनडीए प्रत्याशी जीत रहे हैं, जिनसे तेजस्वी यादव बौखला गए हैं। उन्हें लगता है कि और गलत जानकारी मिल रही है कि राजद उपचुनाव में आगे रहेगा, यह उनकी गलतफहमी है।
वहीं, जदयू महासचिव सह जिला प्रवक्ता कुंदन शांडिल्य का कहना है कि शिक्षा और शिक्षकों के बारे में नेता विरोधी दल तेजस्वी यादव ने जो आरोप लगाया है। वह पलटकर अपनी सरकार के फैसलों को एक बार देख लें, उनके समय पर ठेके पर शिक्षक बहाल किए जाते थे। एक साल के बाद उन्हें सेवा विस्तार के लिए जी हुजूरी करनी पड़ती थी और तब उनका कार्यकाल का विस्तार होता था। विकास पुरुष नीतीश कुमार ने शिक्षा और शिक्षकों के उत्थान के लिए जितना काम किया है, वह शिक्षक भूले नहीं हैं।