बिहार के बेतिया में पति-पत्नी के रिश्ते को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक पति ने अपनी पत्नी के नाम से एक करोड़ रुपये का इंश्योरेंस करवा दिया और फिर उसकी हत्या कर दी थी। वहीं, पुलिस ने बेलबाग कॉलोनी की मधुबाला सिंह हत्या का खुलासा करते हुए मामले की जानकारी दी है।
पुलिस ने महिला के मर्डर केस में उसके पति निडू सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। निडू सिंह ने पुलिस की पूछताछ में पत्नी की हत्या करने का जुर्म कबूल लिया है। जो इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोपी पति निडू सिंह का यह खुलासा सबको हैरान करके रख दिया है। उसने अपने कबूलनामा में पुलिस को बताया कि वह अपनी प्रेमिका के साथ विदेश में घर बसाने के लिए यह सब किया था। उसका एक महिला से अवैध संबंध था, जो उसकी रिश्तेदार थी। प्रेमिका के साथ सेटल होने के लिए पहली पत्नी को रास्ते से हटाकर मोटी रकम इंश्योरेंस के माध्यम से वसूल करना चाहता था, जिसको लेकर उसने चार महीने में पूरी प्लानिंग की थी।
इधर, सदर एसडीपीओ-वन विवेक दीप के अनुसार, निडू ने पुलिस को बताया है कि वह पिछले चार महीने से अपनी पत्नी की हत्या की प्लानिंग कर रहा था। इसके लिए उसने देश-विदेश की कई क्राइम फिल्में देखीं और आइडिया लिया। पति तक पहुंचने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लेकिन जब हत्या की पूरी कहानी खुली तो सभी दंग रह गए। विदित हो की निडू सिंह ने लोक आस्था के महापर्व छठ का व्रत रखने वाली अपनी पत्नी मधुबाला की हत्या संध्या अर्घ्य के बाद ही रात में कर दी थी। पत्नी की हत्या करने के बाद उसने पुलिस को फोन किया। बताया कि पत्नी दूसरे कमरे में थी। मैं और मेरा बेटा दूसरे कमरे में सो रहे थे। तभी आवाज सुनाई दी। हम दूसरे कमरे में गए तो चार अपराधी भागते दिखाई दिए। मैं पत्नी की तरफ भागा और पुलिस को जानकारी दी।
घटना को ऐसे अंजाम दिया गया था कि पुलिस को पहली नजर में पति पर शक करने की कोई वजह नहीं दिख रही थी। घटना स्थल पर कोई सबूत भी नहीं मिले। पुलिस ने सीसीटीवी खंगाला, लेकिन छठ की वजह से घर के बाहर रास्ते से आने-जाने वाले सैकड़ों लोगों की पहचान करना मुश्किल था। अब पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान करने का रास्ता अपनाया और पुलिस ने मामले का खुलासा कर लिया। उन्होंने बताया कि एसपी डॉ. शौर्य सुमन के निर्देश पर एसडीपीओ-वन विवेक दीप ने घटना स्थल और परिवार के बैकग्राउंड की जांच की। जांच के दौरान उनके सामने चार सवाल आए। इनका जवाब तलाशने में वो समझ गए कि हत्यारा कोई और नहीं बल्कि पति ही है।
पुलिस के ये थे चार सवाल
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हत्या के समय घर पूरी तरह से बंद था तो अपराधी कहां से आए थे?
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मृतका के सिर पर धारदार हथियार से वार किया गया था। बेड पर सिर्फ सिर के पास ही खून था। रूम में कहीं खून का एक बूंद नहीं गिरा था।
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चार महीने पहले ही मृतका का एक करोड़ का एक्सीडेंटल बीमा कराया गया था। प्रॉपर्टी भी पत्नी के नाम पर थी।
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पति के मोबाइल की जांच में उसकी प्रेमिका का नंबर मिला।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि छठ घाट पर पत्नी के साथ पति नहीं गया था तो संदेह बढ़ गया। हालांकि, हत्यारे पति को गिरफ्तार करने के लिए यह सबूत काफी नहीं थे। फिर एफएसएल की जांच में घटना की टूटी कड़ियां जुटती चली गईं। अब पुलिस ने सभी तथ्यों के साथ पति से पूछताछ की। पूछताछ में वह आखिरकार टूट गया और सारे खुलासे कर दिए।
बताया कि वह अपनी प्रेमिका के साथ बेतिया छोड़ दूसरे शहर जाना चाहता था। इसके लिए उसे करोड़ों रुपये चाहिए थे। इसलिए उसने अपनी पत्नी का चार महीने पहले एक करोड़ का एक्सीडेंटल बीमा कराया। इसके अलावा पत्नी के नाम पर जितनी प्रॉपर्टी थी, उसका 90 लाख रुपये में सौदा तय कर लिया था। पत्नी की हत्या की तारीख चार महीने पहले तय कर ली थी।
हालांकि, जांच में पुलिस टीम को बरामदे में लगी टाइल्स के बीच की लाइनिंग में खून के अंश मिले थे। बारीकी से जांच हुई तो खून के धब्बे भी मिले। वाशरूम के पाइप की जांच की गई, उसमें भी खून मिला। अब कहानी थोड़ी साफ हुई। शातिर पति ने अपनी पत्नी की हत्या घर के बरामदे में की थी। बाद में शव को कमरे में बेड पर रख दिया था। घर के बरामदे की पूरी तरह से सफाई करने के बाद पुलिस को सूचना दी थी।