उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल में अब आंख की परेशानी वाले मरीजों का ऑपरेशन किया जा सकेगा। कई दशकों की प्रतीक्षा अब खत्म हो गई है। बीते चार वर्ष पूर्व जिला में हुए आंख फोड़वा कांड के बाद अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन किए जाने की मांग उठी थी।
आंख के मरीजों के लिए राहत की खबर
मुजफ्फरपुर जिला सदर अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन अब इसी सप्ताह से शुरू होगा। अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर बनकर तैयार हो चुका है। मरीजों के लिए इसमें विशेष व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि सदर अस्पताल में वर्ष 2010 से आंखों का ऑपरेशन बंद था। वर्तमान में यहां पर सिर्फ OPD में आंखों का इलाज किया जाता था। ऐसे में यह आंख के मरीजों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।
'लुटने से बच जाएंगे गरीब वर्ग के लोग'
सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बीएस झा ने बताया कि सदर अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन शुरू होने से मरीजों को काफी सहूलियत होगी। उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल के चक्कर काटने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। सरकारी अस्पताल में मरीजों के आंखों का इलाज किया जाएगा तो उम्मीद है कि दोबारा जिले में आंख फोड़वा कांड जैसी घटना नहीं होगी। साथ ही गरीब वर्ग के लोग लुटने से भी बच जाएंगे। इसे लेकर जो भी सामग्री की जरूरत थी, इसको पूरा कर लिया गया है। अब चिकित्सक की कई टीम को भी लगाए जाने की कवायद की जा रही है। जल्द ही पैरा मेडिकल स्टाफ और चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति किए जाने के बाद यह अस्पताल भी कीर्तिमान स्थापित करेगा।
ऐसे हुआ था आँख फोड़वा कांड
गौरतलब है कि आंख फोड़वा कांड के बाद शहर में चार दिसंबर 2021 को मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल को सील कर दिया गया था। मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में एक दिन ऑपरेशन में हुई अनियमितता को देखते हुए OT और दवा दुकान को सील कर दिया गया था। उस समय आई हॉस्पिटल के OT में हुए संक्रमण के कारण कई लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी। उस घटना को चर्चित आंख फोड़वा कांड से जाना जाता है। तब संक्रमण फैलने की घटना की जांच के बाद मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील करवा दिया था। इस घटना के बाद सरकार की नींद खुली। अब जिला सदर अस्पताल में जल्द ही मोतियाबिंद का ऑपरेशन शुरू होगा।