मुजफ्फरपुर की चर्चित सुनीता देवी किडनी कांड मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी डॉ. पवन कुमार की सुनवाई टली। मामले में सजा के बिंदु पर अब 18 जून को सुनवाई होगी। मामले में विशेष एससी-एसटी कोर्ट के लोक अभियोजक पदाधिकारी जयमंगल प्रसाद ने दी जानकारी।
मुजफ्फरपुर कि पीड़िता सुनीता ने एक झोलाछाप डॉक्टर के कारण अपनी दोनों किडनी गंवा दी थी। उसे अब न्याय के लिए एक सप्ताह का और इंतजार करना होगा। बरियारपुर स्थित शुभकांत क्लीनिक में तीन सितंबर 2022 को सुनीता के गर्भाशय का आपरेशन किया गया था। ये क्लीनिक झोलाछाप डॉक्टर पवन कुमार का था। गर्भाशय के आपरेशन के दौरान सकरा थाना के बाजी राउत गांव की पीड़िता सुनीता देवी की दोनों किडनियां निकालने के मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद डॉ. पवन कुमार को दोषी करार दिया है। मामले के सत्र विचारण के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवम अजय कुमार मल्ल के विशेष कोर्ट (SC/ST एक्ट) ने उसे दोषी ठहराया है।
बता दें कि दोनों किडनी निकलने के बाद पांच सितंबर को सुनीता की तबीयत खराब होने पर उसे SKMCH श्रीकृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल लाया गया। सात सितंबर 2022 को जांच के बाद पता चला कि उसकी दोनों किडनियां निकाल ली गईं हैं।
विशेष लोक अभियोजक (एससी/एसटी एक्ट) जयमंगल प्रसाद ने बताया कि 13 जून को विशेष कोर्ट में सजा के बिंदु पर सुनवाई होनी थी, जो टल गई है। अब सुनवाई 18 जून को होगी। अगर न्यायलय 18 जून को बकरीद पर्व के कारण बंद रहता है तो सुनवाई 19 जून को होगी। इसके बाद उसे सजा सुनाई जाएगी। इस मामले के मुख्य आरोपी डॉ. आरके सिंह अब तक फरार है। उसके विरुद्ध कुर्की की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विशेष कोर्ट ने उसके मामले को अलग कर दिया है।