मुजफ्फरपुर जिले के रामपुर हरि थाना में तैनात महिला सिपाही रिंकू कुमारी की छुट्टी को लेकर उत्पन्न विवाद और तनाव के बीच उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इलाज के लिए उन्हें एसकेएमसीएच मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। रिंकू कुमारी 2015 बैच की महिला सिपाही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार छुट्टी मांगने के बावजूद उन्हें अवकाश नहीं दिया गया, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ा है।
बड़ा बाबू और थाना प्रभारी पर लगाए आरोप
महिला सिपाही रिंकू कुमारी का कहना है कि वह बीते कुछ समय से लगातार छुट्टी की मांग कर रही थीं, क्योंकि उन्हें पटना में इलाज कराना था। लेकिन थाना प्रभारी और बड़ा बाबू ने उनके आवेदन पर कार्रवाई नहीं की। रिंकू ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने वरीय पुलिस अधीक्षक से मामले की शिकायत की, तो बड़ा बाबू ने उन्हें तुरंत वापस बुलाकर कहा कि पहले रिपोर्ट करो, फिर छुट्टी के आवेदन पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छुट्टी न मिलने के कारण उनका इलाज भी बाधित हो गया। रिंकू ने कहा कि मैं अपनी ड्यूटी के प्रति हमेशा निष्ठावान रही हूं, लेकिन बीमार होने के बावजूद मुझे छुट्टी नहीं दी जा रही। यह मेरे साथ अन्याय है।
थाना प्रभारी ने आरोप को बेबुनियाद बताया
इधर, रामपुर हरि थाना के प्रभारी सुजीत मिश्रा ने रिंकू कुमारी के आरोपों को सिरे से खारिज कर कहा कि महिला सिपाही ने 24 जनवरी को छुट्टी का आवेदन दिया था। उन्हें गणतंत्र दिवस तक रुकने के लिए कहा गया था, ताकि झंडोत्तोलन कार्यक्रम में शामिल हो सकें। लेकिन वे इसमें भी शामिल नहीं हुईं। एसएचओ ने कहा कि हमने उनके आवेदन पर कार्रवाई की थी और वरीय अधिकारियों को भी अवगत कराया था। उनका यह कहना कि छुट्टी के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई, बेबुनियाद है।
हालांकि पुलिस लाइन के डीएसपी ने बताया कि नियम के अनुसार किसी भी सिपाही का अवकाश आवेदन थाना प्रभारी द्वारा फॉरवर्ड किया जाता है। रिंकू कुमारी का आरोप है कि थाना प्रभारी और बड़ा बाबू ने जानबूझकर उनकी छुट्टी फॉरवर्ड नहीं की।
रिंकू ने कहा कि पटना में इलाज के लिए समय निर्धारित था, लेकिन छुट्टी न मिलने के कारण मुझे लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। अब मेरी हालत और बिगड़ गई है।
स्थिति की जांच में जुटे अधिकारी
महिला सिपाही की बिगड़ी हालत और छुट्टी न मिलने के विवाद के बाद पुलिस महकमे में हलचल मची हुई है। वरीय अधिकारियों ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। थाना प्रभारी सुजीत मिश्रा ने बताया कि महिला सिपाही को गणतंत्र दिवस पर झंडोत्तोलन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह अनुपस्थित रहीं। इसके बाद उन्हें फटकार लगाई गई।