मुजफ्फरपुर जिले के मिठनपुरा थाना क्षेत्र से एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की बीते 10 जनवरी से लापता है। घटना को पंद्रह दिन बीत जाने के बावजूद बच्ची का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इसको लेकर परिजनों में गहरी चिंता है और उन्होंने अनहोनी की आशंका जताई है।
परिजनों की शिकायत पर दर्ज हुई प्राथमिकी
बच्ची के परिजनों ने मिठनपुरा थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी को गलत काम कराने के उद्देश्य से बहला-फुसलाकर या जबरन कहीं ले जाया गया हो सकता है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
स्थानीय लोगों पर गंभीर आरोप
परिजनों के अनुसार, उनके मोहल्ले के कुछ लोग बच्ची के पास आते-जाते थे और उस पर गलत काम करने का दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों ने यह स्थिति देख ली थी, जिसके बाद संबंधित लोग वहां से भाग निकले। अगले दिन सुबह जब परिवार जागा तो बच्ची अपने कमरे में नहीं थी। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
अब तक नहीं मिला कोई ठोस सुराग
परिजनों का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अब तक बच्ची का कोई पता नहीं चल पाया है। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द नाबालिग की सकुशल बरामदगी की मांग की है। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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इस प्रकरण में अधिवक्ता मोहम्मद निसारुद्दीन ने बताया कि मामला अत्यंत गंभीर है। उनका कहना है कि अब तक बच्ची की बरामदगी नहीं होना चिंता का विषय है। आशंका जताई जा रही है कि नाबालिग को गलत कार्यों में धकेला गया हो सकता है। इस संबंध में बिहार पुलिस के डीजीपी सहित अन्य अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।
पुलिस का दावा, सभी बिंदुओं पर हो रही जांच
नगर पुलिस अधीक्षक मोहिबुल्ला अंसारी ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि तकनीकी और मानवीय आसूचना के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। सभी पहलुओं पर जांच चल रही है और जल्द ही बच्ची को बरामद कर लिया जाएगा।