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बिहार: नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा, बिहार में भक्ति और आस्था का दिखा अद्भुत नजारा

Sat, 17 Oct 2026 04:23 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुज्जफरपुर

सार

नवरात्र के सातवें दिन शनिवार को मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता अपने भक्तों को भय और बाधाओं से मुक्ति देकर सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं। बिहार के विभिन्न जिलों में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिल रहा है।

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नवरात्रि पर्व - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नवरात्र पूजा के सातवें दिन शनिवार को आदि शक्ति मां दुर्गा के सातवें स्वरूप माता कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जा रही है। नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि के दर्शन, पूजन और ध्यान का विशेष विधान माना जाता है। श्रद्धालु माता की आराधना कर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना कर रहे हैं।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि शनि ग्रह को नियंत्रित करती हैं। मान्यता है कि उनकी पूजा से शनि के दुष्प्रभाव दूर होते हैं और भक्तों को कल्याण की प्राप्ति होती है। मां कालरात्रि को यंत्र, मंत्र और तंत्र की देवी भी कहा जाता है। इस कारण उनकी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। नवरात्र के अवसर पर बिहार के सभी जिलों से भक्ति और आस्था की अनूठी तस्वीरें सामने आ रही हैं।

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी दुर्गा ने राक्षस रक्तबीज का वध करने के लिए मां कालरात्रि का स्वरूप धारण किया था। माता का शरीर घने अंधकार के समान काला है। उनके बाल बिखरे हुए हैं और गले में विद्युत के समान चमकने वाली माला सुशोभित है। उनके तीन नेत्र हैं और सांसों से अग्नि की ज्वालाएं निकलती रहती हैं। माता का वाहन गर्दभ है।

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मां कालरात्रि अपने हाथों में खड्ग और अन्य अस्त्र धारण करती हैं। उनका स्वरूप भले ही भयानक हो, लेकिन वे अपने भक्तों को शुभ फल प्रदान करती हैं। इसी कारण उन्हें शुभंकरी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता ने अपनी शक्ति से संसार की रक्षा की और राक्षसों का संहार किया।

मान्यता है कि मां कालरात्रि की साधना से साधक के पाप और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं तथा पुण्य की प्राप्ति होती है। उनकी आराधना करते समय मन, वचन और कर्म की पवित्रता बनाए रखना आवश्यक माना जाता है। कहा जाता है कि मां कालरात्रि का स्मरण करने मात्र से भूत-प्रेत और नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि के उपासकों को अग्नि, जल, शत्रु, रात्रि और अन्य जीवों से भय नहीं सताता। माता अपने भक्तों को अकाल मृत्यु के भय से बचाती हैं और ग्रह बाधाओं को दूर कर सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करती हैं।

पूरे बिहार में नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। अलग-अलग जिलों से पूजा-अर्चना और मां की भक्ति में लीन श्रद्धालुओं की तस्वीरें सामने आ रही हैं। मंदिरों में भक्त माता के दर्शन और पूजन कर रहे हैं। नवरात्र के सातवें दिन पूरा माहौल भक्तिमय नजर आ रहा है।

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