मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल की लापरवाही की भेंट एक प्रसूता चढ़ गई। बताया जा रहा है कि प्रसूता को सरकारी अस्पताल से बुलाकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
महिला की मौत के बाद अस्पताल कर्मी फरार
मामला मीनापुर थाना क्षेत्र के मीनापुर हॉस्पिटल चौक के पास का है। प्रसव के दौरान महिला की मौत के बाद अस्पताल के कर्मी मौके से फरार हो गए। मृतका की पहचान नगर पंचायत मीनापुर वार्ड संख्या चार निवासी लखींद्र कुमार की 21 वर्षीय पत्नी पिंकी देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृतका की शादी महज डेढ़ वर्ष पहले हुई थी।
आशा कार्यकर्ता पर लगा आरोप
घटना को लेकर मृतका के देवर इंदल कुमार ने बताया कि एक सप्ताह पहले प्रसव पीड़ा होने पर वे लोग उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मीनापुर में भर्ती कराने के लिए ले जा रहे थे। इसी दौरान साथ में मौजूद आशा कार्यकर्ता ने बहला-फुसलाकर मीनापुर हॉस्पिटल चौक स्थित चौहान मार्केट के गोल्ड हॉस्पिटल (निजी अस्पताल) में भर्ती करवा दिया।
बच्ची को जन्म देने के बाद महिला ने दुनिया को कहा अलविदा
उन्होंने बताया कि 11 तारीख को डॉक्टर ने स्थिति गंभीर बताते हुए ऑपरेशन करने की बात कही, जिसके बाद ऑपरेशन किया गया और महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद उसकी स्थिति बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई।
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पुलिस ने क्या बताया?
इस मामले में मीनापुर थाना प्रभारी रामएकबाल प्रसाद ने बताया कि निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत की सूचना मिली है। परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल नर्सिंग होम को सील कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है।