बिहार नव निर्माण अभियान की शुरुआत से पहले जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर मुजफ्फरपुर पहुंचे। यहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जन सुराज की लड़ाई जनता के हितों के लिए जारी रहेगी, क्योंकि सरकार जनता के वोट से बनती है।
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि बिहार में वोट जनहित के मुद्दों पर कम, बल्कि पाकिस्तान और चीन के नाम पर ज्यादा मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता के वोट को पैसे से खरीदने की कोशिश की जा रही है। जनता को यह तय करना है कि उन्हें “सोने का अंडा देने वाली मुर्गी” चाहिए या एक बार में पूरी मुर्गी। उन्होंने कहा कि वोट लेकर जनता को ठगा गया है और अब लोग इसे महसूस भी कर रहे हैं।
पीके ने कहा कि जनता ने राजनीतिक दलों की भूमिकाएं तय कर दी हैं। एनडीए सत्ता में रहेगी, राजद विपक्ष में और जन सुराज जनता के बीच अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। उन्होंने बताया कि बिहार नव निर्माण अभियान के तहत संगठन को फिर से मजबूत किया जाएगा। सभी समितियों को पहले भंग कर दिया गया था, इसलिए अब उनका पुनर्गठन कर कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से बिहार की जनता को समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सफल नहीं हो सके। अब जनता ने जिस सरकार को चुना है, वही अगले पांच साल तक शासन करेगी। उन्होंने दावा किया कि यदि जनता उन्हें मौका देती तो जो 10 हजार रुपये एक बार मिला, वह स्थायी व्यवस्था बन सकती थी और पेंशन की राशि 3000 रुपये तक हो सकती थी।
प्रशांत किशोर ने राजद और उसके नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के मुंह से भ्रष्टाचार की बात वैसी ही लगती है जैसे कोई शेर कहे कि सबको शाकाहारी हो जाना चाहिए। इस मुद्दे पर उनका बोलना उचित नहीं है, फिर भी वे बयान दे रहे हैं।