मां कात्यायनी देवी के दर्शन को लगी लंबी कतारें
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मुजफ्फरपुर में नवरात्रि के छठे दिन रविवार को मां दुर्गा के छठे स्वरूप कात्यायनी देवी की पूजा-अर्चना की गई। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और माता के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
धार्मिक मान्यता है कि मां कात्यायनी भगवान कार्तिकेय की माता हैं और भक्तों के लिए कल्याणकारी तथा विजयदायिनी मानी जाती हैं। इसी रूप में देवी ने महिषासुर का वध कर मानवता और प्राणी जगत की रक्षा की थी। पौराणिक कथाओं के अनुसार मां की कृपा से भक्तों के भय दूर होते हैं और उन्हें सफलता प्राप्त होती है।
शहर के प्रमुख मंदिरों—दुर्गा स्थान मंदिर, बगलामुखी मंदिर और राजराजेश्वरी देवी मंदिर—में सुबह से ही भक्त कतारबद्ध होकर दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालु माता को फल, फूल, प्रसाद और चढ़ावा अर्पित कर आशीर्वाद ले रहे हैं। मां कात्यायनी का स्वरूप स्वर्ण के समान चमकीला और तेजस्वी बताया जाता है। शेर पर सवार माता की चार भुजाओं में कमल, तलवार, स्वास्तिक और आशीर्वाद की मुद्रा अंकित है।
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दुर्गा स्थान मंदिर के पुजारी दिलीप कुमार पाठक ने बताया कि मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए आ रहे हैं और भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। वहीं, राजराजेश्वरी मंदिर के प्रधान पुजारी धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि मां कात्यायनी का यह रूप सभी बाधाओं को दूर करता है और भक्तों में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करता है मंदिरों में पूजन-अर्चना के साथ भक्तों ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मां से आशीर्वाद लिया और नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उत्साह से मनाया।