विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सुप्रीमो मुकेश सहनी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बिहार अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बूते से बाहर हो चुका है। राज्य उनसे संभल नहीं पा रहा है। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री वृद्ध हो चुके हैं और अब बिहार की जिम्मेदारी किसी युवा नेतृत्व को दी जानी चाहिए।
मुकेश सहनी बीते दिनों पियर थाना क्षेत्र में पुलिस और आम लोगों के बीच हुई भिड़ंत में घायल सरपंच से मिलने श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) पहुंचे थे। वहां उन्होंने घायल सरपंच का हालचाल जाना। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए सहनी ने कहा कि अब उनकी याददाश्त भी कमजोर हो गई है। उन्हें यह तक पता नहीं रहता कि कौन सा जिला कहां है। हाल ही में उन्होंने मखाना को ‘पखाना’ कह दिया, जो उनकी मानसिक स्थिति को दर्शाता है। इस उम्र में भी वे यह समझने में असमर्थ हैं कि बिहार में वास्तव में क्या हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कुर्सी से प्रेम करने वाले नेता बन गए हैं, जो कभी इधर तो कभी उधर सत्ता बचाने में लगे रहते हैं।
उन्होंने बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी पर भी तंज कसते हुए कहा कि वे केवल नाम के गृह मंत्री हैं और राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।
पुलिस ‘दाऊद गैंग’ का सदस्य मानकर जबरन वसूली कर रही- सहनी
मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि बिहार में पुलिस खुलेआम लोगों से पैसे की मांग कर रही है। अगर लोग पैसे दे देते हैं तो ठीक, नहीं देने पर उनके साथ मारपीट की जा रही है। बीच-बचाव करने वालों को भी बेरहमी से पीटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर की पुलिस आम जनता को ‘दाऊद गैंग’ का सदस्य मानकर जबरन वसूली कर रही है।
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उन्होंने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। पूरा गांव अपराधी बना दिया गया है और लोग भय के साए में जीने को मजबूर हैं। पुलिस अधिकारियों को जनता की सुरक्षा के लिए वेतन दिया जाता है, न कि लोगों से उगाही करने के लिए।
सहनी ने आरोप लगाया कि हालिया घटना में आम जनता ने थाना प्रभारी को सुरक्षा घेरे में रखा था, लेकिन उल्टा पुलिस ने निर्दोष लोगों को ही फंसा दिया। उन्होंने कहा कि यदि गलत हो रहा था तो थाना प्रभारी को अपने वरीय अधिकारियों को बांधकर रखना चाहिए था, न कि आम लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी।
अस्पताल में पीड़ित को देखने पहुंचे मुकेश सहनी।
पीड़ित को अस्पताल में देखते हुए मुकेश सहनी व साथ में अन्य लोग।