भारतीय रेलवे के तत्काल टिकट सिस्टम में संभावित अंतरराज्यीय रैकेट की जांच के बीच पवन एक्सप्रेस में रेल टिकट टेम्परिंग का मामला सामने आया है। टिकट में छेड़छाड़ कर यात्रा करने के आरोप में चार यात्रियों को गिरफ्तार किया गया है। रेलवे पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में आरोपी यह नहीं बता सके कि उन्हें ये टिकट किसने उपलब्ध कराए। अब पुलिस टिकट उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क, ट्रैवल एजेंटों की भूमिका और संभावित अंतरराज्यीय गिरोह की जांच कर रही है।
टिकट जांच के दौरान सामने आया मामला
रेल डीएसपी निधि कुमारी ने बताया कि मामले में हाजीपुर रेल थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि टिकट कहां से और किसके माध्यम से प्राप्त किए गए थे। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी संगठित गिरोह या रेलवे के किसी कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें- बिपार्ड में सजी लोकतंत्र की 'पाठशाला', उपराष्ट्रपति; राज्यपाल और सीएम ने संयुक्त रूप से किया उद्घाटन
पवन एक्सप्रेस में पकड़े गए आरोपी
डीएसपी निधि कुमारी के अनुसार, 10 जुलाई को ट्रेन संख्या 11062 पवन एक्सप्रेस में ड्यूटी पर तैनात सीटीआई राकेश कुमार सिंह टिकट जांच कर रहे थे। हाजीपुर के पास कोच बी-4 की बर्थ संख्या 9, 10, 11 और 12 पर यात्रा कर रहे यात्रियों के टिकट की जांच के दौरान गड़बड़ी मिली।
जांच में पाया गया कि टिकट पर यात्रा की तारीख 9 जुलाई दर्ज थी और जारी करने वाला स्टेशन टोरी था, जबकि टिकट का उपयोग अलग तरीके से किया जा रहा था। इन टिकटों पर मो. अशरफ अली (पिता लाल मोहम्मद, निवासी दरभंगा), खलील उर रहमान (निवासी पूर्वी चंपारण) सहित चार लोग यात्रा कर रहे थे। प्राथमिक जांच में टिकट अवैध पाए गए।
दूसरे कोच में भी मिला संदिग्ध टिकट
इसी दौरान कोच बी-2 की बर्थ संख्या 9, 10 और 11 पर यात्रा कर रहे राम कुमार साहू के टिकट की भी जांच की गई। टिकट 9 जुलाई की तारीख का था और पूर्णिया स्टेशन से जारी किया गया था। इस टिकट पर दो महिला यात्री भी यात्रा कर रही थीं। जांच के दौरान दो यात्री पहले ही उतर चुके थे, जबकि संबंधित यात्री छपरा जंक्शन पर उतरे।
इन लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर
रेलवे पुलिस ने इस मामले में मो. अशरफ अली, खलील उर रहमान, राम कुमार साहू, आरिफ आलम और एक अन्य व्यक्ति को पकड़कर हाजीपुर रेल थाना में प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच जारी है। रेलवे पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि टिकट टेम्परिंग के पीछे कोई संगठित अंतरराज्यीय गिरोह तो सक्रिय नहीं है। साथ ही ट्रैवल एजेंटों और टिकट उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की भूमिका भी जांच के दायरे में है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।