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Bihar: उद्घाटन से पहले ही चंदवारा पुल पर उठे सवाल, पिलरों से झड़ रहा कंक्रीट; IIT पटना करेगी जांच

Wed, 08 Jul 2026 06:13 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुज्जफरपुर

सार

मुजफ्फरपुर के चंदवारा पुल में उद्घाटन से पहले कंक्रीट झड़ने, सरिए बाहर आने और स्लैब में दरारें मिलने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। पथ निर्माण विभाग ने निरीक्षण किया है, जबकि आईआईटी पटना से तकनीकी जांच कराई जाएगी।

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चंदवारा पुल में गड़बड़ी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में बूढ़ी गंडक नदी पर बन रहे बहुप्रतीक्षित चंदवारा पुल की निर्माण गुणवत्ता उद्घाटन से पहले ही सवालों के घेरे में आ गई है। करीब 12 वर्षों से निर्माणाधीन इस पुल के पिलरों से कंक्रीट झड़ने, लोहे के सरिए बाहर दिखाई देने, डेक स्लैब में दरारें और एक्सपेंशन जॉइंट्स में तकनीकी खामियां सामने आने के बाद इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

शिकायत मिलने के बाद पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय टीम ने मौके का निरीक्षण किया है। अब पुल की गुणवत्ता की स्वतंत्र तकनीकी जांच आईआईटी पटना के विशेषज्ञों से कराई जाएगी। तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने भी मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

करीब 45 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से शुरू हुई इस परियोजना की लागत बढ़कर लगभग 180 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। पुल के पहले चरण का काम अंतिम दौर में है, जबकि दूसरे चरण का कार्य शुरू होना है। इसी बीच निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। निरीक्षण में पुल के कई हिस्सों में गड़बड़ियां मिली हैं। स्लैब, स्पैन डिवाइडर और रेलिंग में क्षति के संकेत मिले हैं, जबकि कई स्थानों पर कंक्रीट उखड़ने से सरिए भी दिखाई देने लगे हैं। इसके अलावा कुछ हिस्सों में जलजमाव की समस्या भी सामने आई है।

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यह पुल शहर को जाम से राहत देने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। चंदवारा से सिपाहपुर होते हुए दरभंगा फोरलेन तक सीधी कनेक्टिविटी देने वाले इस पुल का मकसद अखाड़ाघाट पुल पर बढ़ते यातायात का दबाव कम करना है। पुल के साथ सिपाहपुर से जेल चौक तक करीब तीन किलोमीटर लंबे एप्रोच पथ का निर्माण भी किया जा रहा है, लेकिन यह कार्य अभी अधूरा है। निर्माण में देरी की वजह फंड की कमी, भूमि अधिग्रहण में विलंब और निर्माण एजेंसी की कार्यशैली को बताया जा रहा है।

प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि पुल में सामने आई कमियों की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी और डीडीसी को स्थल निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी तकनीकी खामियों की जांच कर जल्द दूर करने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही तकनीकी टीम से यह पता लगाने को कहा गया है कि खामियां किन कारणों से आईं और उन्हें स्थायी रूप से कैसे दूर किया जाए।

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