चीन के शंघाई में पिछले कई महीनों से वहां के डिटेंशन सेंटर में बंद बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र के रहने वाले मर्चेंट नेवी अधिकारी यश सिंह से मुलाकात के लिए भारतीय अधिकारियों को कांसुलर एक्सेस की तारीख मिल गई है। अब 13 अगस्त 2026 को भारतीय अधिकारी यश सिंह से मुलाकात करेंगे। इस संबंध में चीन की सरकार से किए गए अनुरोध के बाद आखिरकार अनुमति मिल गई है।
बता दें कि, पिछले कई महीनों से चीन के डिटेंशन सेंटर में कैद यश सिंह को लेकर उनकी मां ने सरकार से लेकर कंपनी और अन्य अधिकारियों तक गुहार लगाई थी। इस मामले में यश सिंह की मां ने बताया कि वह बेहद बीमार हैं और उनका सिर्फ एक बेटा है। उसे देखे और सुने हुए कई महीने हो गए हैं। इसके बाद उन्होंने विदेश मंत्रालय से लेकर मुजफ्फरपुर के सांसद तक से गुहार लगाई थी। अब जाकर उनकी पहल रंग लाई है।
28 फरवरी को हुई थी आखिरी बातचीत
गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को यश सिंह की आखिरी बार अपनी मां से बात हुई थी। तब यश सिंह ने बताया था कि जहाज मरम्मत के लिए चीन के शंघाई के जियांग्सू पोर्ट पर रुका हुआ है। उसी दिन उसे अपनी पुरानी कंपनी से कुछ बकाया भुगतान मिला था। वहीं, काम के लिए निकलने की बात भी उसने बताई थी। यश ने इस दौरान बताया था कि उसके साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश और दूसरे देशों के कई साथी भी काम करते हैं। सभी पार्टी की बात कर रहे हैं। उसने कहा था कि शाम को सबको पार्टी दूंगा। इसके बाद हमारी बात खत्म हो गई।
शंघाई शहर में हुआ था विवाद
परिजनों के अनुसार, उसी शाम यश अपने कुछ विदेशी सहयोगियों के साथ शंघाई शहर के एक रेस्टोरेंट गया था और फिर वहीं किसी स्थानीय व्यक्ति से उसका विवाद हो गया। विवाद किस कारण हुआ था, इसकी जानकारी परिवार को आज तक नहीं मिल सकी है। लेकिन इसी घटना के बाद चीनी पुलिस ने यश को हिरासत में ले लिया। सीमा सिंह ने बताया कि 3 मार्च 2026 को मुंबई स्थित कंपनी कार्यालय से ई-मेल के जरिए गिरफ्तारी की सूचना दी गई। इसके बाद से परिवार लगातार उसकी रिहाई के प्रयास में लगा है।
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करीब एक वर्ष पहले, सितंबर 2025 में उसने नई शिपिंग कंपनी एमएससी ज्वाइन की थी, जहां वह अधिकारी के रूप में कार्यरत था। वह इसी कंपनी के जहाज MSC Sheffield-II पर तैनात था, जो फरवरी 2026 में तकनीकी खराबी के कारण चीन के जियांग्सू बंदरगाह पर मरम्मत के लिए रुका हुआ था। इसके बाद ही कुछ घटना हुई और बेटे से फिर कभी बात नहीं हो पाई।