कारोबारी मर्डर मामले का खुलासा
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मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में तीन माह पूर्व हुए कारोबारी दंपति हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या को अंजाम देने वाला मृतक का छोटा भाई ही निकला। आरोपी ने घर में रखी मूर्ति से सिर पर वार कर बड़े भाई की हत्या की, जबकि भाभी का गला दबाकर वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद शवों को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने के लिए केमिकल डाला और दोनों शवों को कंबल में लपेटकर करीब 10 किलोमीटर दूर सुनसान जगह पर फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी भाई को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने हत्या में अपनी संलिप्तता और शवों के साथ बर्बरता स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की वजह संपत्ति विवाद है।
19 मई की रात रहस्यमय ढंग से लापता हुआ था कारोबारी दंपति
19 मई 2026 की रात ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र निवासी कारोबारी मनोज भगत (48) और उनकी पत्नी मीनू देवी (45) रहस्यमय ढंग से लापता हो गए थे। उनकी बेटी शेफाली ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसने आशंका जताई थी कि उसके माता-पिता को उसके चाचा ने गायब किया है। इसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच में जुटी रही।
हत्या के बाद बहन के घर छोड़ी कार
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने दोनों की हत्या के बाद शवों को बोचहा थाना क्षेत्र के एक सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाया। इसके बाद वह हत्या में इस्तेमाल कार लेकर अपनी बहन के घर पहुंचा और कार वहीं छोड़कर चला गया। 4 अगस्त को आरोपी अचानक गायब हो गया। इसके बाद उसकी बहन ने भी गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस को आरोपी पर पहले से संदेह था और उसकी तलाश जारी थी।
बेटी ने शुरुआत में ही चाचा पर जताया था शक
लापता दंपति की इकलौती बेटी शेफाली ने शुरुआत से ही अपने चाचा पर संदेह जताया था। उसने संपत्ति और जमीन-जायदाद पर कब्जे की नीयत से माता-पिता के अपहरण की आशंका जाहिर की थी। शेफाली के मुताबिक, उसके चाचा लगातार उसके माता-पिता को प्रताड़ित करते थे। उसने कहा कि दोनों की एक ही रात में हत्या कर दी गई। उसका दावा है कि पिता के कमरे से बरामद खून को लेकर भी उसने शुरुआत में ही अपने माता-पिता की हत्या की आशंका जताई थी।
केदारनाथ से काशी तक घूमता रहा आरोपी
पुलिस के मुताबिक, हत्या के करीब दो सप्ताह बाद आरोपी मुजफ्फरपुर से फरार हो गया था। इसके बाद उसने देश के अलग-अलग तीर्थस्थलों की यात्रा की। वह केदारनाथ से लेकर अन्य धार्मिक स्थलों तक गया और अंतिम बार काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचा। इसी दौरान पुलिस को मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों से उसके अपनी बहन के संपर्क में होने की जानकारी मिली। इसके बाद यूपी पुलिस के सहयोग से उसे वाराणसी से गिरफ्तार किया गया।
संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि दंपति के गुमशुदगी मामले का खुलासा कर लिया गया है। आरोपी अनुज के गायब होने के बाद उसकी भी तलाश की जा रही थी। वाराणसी से पकड़े जाने के बाद पूछताछ में उसने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, हत्या का कारण संपत्ति विवाद था। पुलिस घटना में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया में जुटी है। आरोपी के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।