मुजफ्फरपुर के पारु विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक अशोक कुमार सिंह ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अजय कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि डीईओ की संपत्ति की जांच होनी चाहिए, क्योंकि अगर जांच की जाती है तो 25 से 50 करोड़ रुपये की नकदी मिल सकती है। विधायक ने यह भी दावा किया कि उनके पास डीईओ के घूस लेते हुए एक वीडियो मौजूद है, जिसे वह सही समय पर जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारी को कोई भी संरक्षण काम नहीं आएगा। चाहे उनकी कितनी भी पहुंच हो, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी।
डीईओ ने विधायक पर लगाया धमकी देने का आरोप
इससे पहले डीईओ अजय कुमार सिंह ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर बीजेपी विधायक से जान-माल का खतरा होने की बात कही थी। उन्होंने ट्रांसफर की मांग करते हुए आरोप लगाया कि विधायक उनके घर आकर गाली-गलौज करते हैं और नियम विरुद्ध काम करने का दबाव डालते हैं।
डीईओ का कहना है कि विधायक उनके घर आए और जब उन्होंने गलत काम करने से इनकार किया तो पांच मिनट तक गाली-गलौज की और उठा लेने की धमकी दी। डीईओ ने साफ कहा कि वे किसी भी तरह के गलत काम में शामिल नहीं हैं और विधायक उनसे जबरन ऐसे काम करवाना चाहते हैं।
‘20 साल से विधायक हूं, मेरी छवि साफ-सुथरी’
बीजेपी विधायक अशोक कुमार सिंह ने डीईओ के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया और कहा कि मैं पिछले 20 वर्षों से लगातार विधायक हूं। मैंने कभी किसी को गाली नहीं दी और न ही कभी अवैध पैसे लिए। उन्होंने बताया कि एक महीने पहले वह दो युवकों को लेकर डीएम के पास गए थे। उन्होंने स्कूल के निर्माण कार्य में हिस्सा लिया था, लेकिन उन्हें भुगतान नहीं मिला। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति रामचंद्र सिंह ने सूद पर पैसा लेकर स्कूल की बाउंड्री का काम किया था।
डीएम ने डीईओ से कहा था कि अगर काम सही हुआ है, तो भुगतान किया जाए, लेकिन फिर भी कई दिनों तक पैसे नहीं मिले। बाद में पता चला कि जिन ठेकेदारों को भुगतान किया गया था, उनसे डीईओ ने 30-40% कमीशन लिया था।
विधायक का कहना है कि उन्होंने इस मामले में डीईओ को फोन भी किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उसके बाद वह उनके घर गए और बातचीत की। उनका दावा है कि उल्टा डीईओ ने उन पर आरोप लगा दिया, जबकि उनके आवास पर दलालों की भीड़ जमा रहती है।
विधायक ने सदन में मामला उठाने की दी चेतावनी
इस पूरे मामले में अब राजनीतिक रंग भी चढ़ने लगा है। विधायक ने इस मुद्दे को सदन में उठाने की बात कही है और कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।