उदित नारायण और उनकी पहली पत्नी रंजना झा।
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पिछले कुछ दिनों से विवादों में रहने वाले देश के प्रसिद्ध गायक उदित नारायण शुक्रवार दोपहर सुपौल व्यवहार न्यायालय में पेश हुए। कोर्ट ने उनकी पहली पत्नी रंजना झा ने कहा कि वह अपने पति के साथ ही रहना चाहती है। लेकिन, उदित नारायण ने उन्हें अपने साथ रखने से कोर्ट के सामने ही इनकार कर दिया है। उदित नारायण ने स्पष्ट कहा कि वह केस लड़ने के लिए तैयार हैं। इधर, उदित नारायण की पत्नी रंजना झा का दावा है कि शादी के बाद भी उन्हें पत्नी का दर्जा नहीं मिला और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा गया। अंतत: मुझे न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अब मुझे न्याय चाहिए।
हालांकि, इस मामले में उदित नारायण की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे पहले कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश राहुल उपाध्याय ने उदित नारायण को 28 जनवरी 2025 तक जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया था। वहीं रंजना झा के वकील अजय कुमार का कहना है कि उनकी मुवक्किल को न्यायालय पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि उनके अधिकारों की रक्षा होगी।
17 दिसंबर को लगाया था अर्थदंड
इससे पहले 17 दिसंबर को सुपौल के परिवार न्यायालय ने गायक उदित नारायण झा को
10 रुपए का जुर्माना सुनाया था। साथ ही निर्धारित तारीख पर उदित नारायण झा और उनके वकील की गैरहाजिरी को लेकर भी नाराजगी जताई था। वकील अजय सिंह ने बताया कि मशहूर पार्श्व गायक उदित नारायण झा की पत्नी रंजना नारायण झा ने 2020 में अपने पति उदित नारायण झा पर अपने दाम्पत्य जीवन पुनार्थापित करने हेतु एक वाद दायर किया था। इसकी आज अंतिम सुनवाई होनी थी। लेकिन उदित नारायण झा की तरफ से न वो खुद उपस्थित हुए और न ही जवाब दाखिल किया गया। इसके बाद परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राहुल उपाध्याय द्वारा उदित नारायण झा को दस रुपये का दंड अधिरोपित करते हुए 28 जनवरी को जबाब दाखिल करने के लिए अंतिम मौका दिया था।