सार
भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने सख्ती दिखाते हुए मृतक के आश्रितों को जल्द अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी, जबकि एनएचआरसी में भी सुनवाई जारी है।
बिहार के भोजपुर जिले में पिछले माह हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने मृतक के आश्रितों को जल्द से जल्द अनुग्रह राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।
सुनवाई के दौरान बिहार सरकार की ओर से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विधि एवं व्यवस्था) ने आयोग के समक्ष प्रतिवेदन दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया। आयोग ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए सरकार को समय दिया, लेकिन साथ ही स्पष्ट निर्देश दिया कि इस अवधि में मृतक भरत भूषण तिवारी के आश्रितों को अनुग्रह राशि का भुगतान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
आयोग ने घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। साथ ही मामले में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने और न्यायिक जांच को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया है।
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यह मामला मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा की याचिका पर आयोग में विचाराधीन है। अधिवक्ता एस.के. झा का कहना है कि पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए तथा दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को निर्धारित की गई है। वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), नई दिल्ली में भी इस मामले की सुनवाई चल रही है। इससे पहले एनएचआरसी ने इस प्रकरण में बिहार के पुलिस महानिदेशक और आरा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से जवाब तलब किया था तथा घटना पर नाराजगी भी जताई थी।