नेपाल और तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने उत्तर बिहार में तबाही मचानी शुरू कर दी है। लगातार बारिश के कारण जहां कई नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है, वहीं उत्तर बिहार की प्रमुख नदियों में शुमार बागमती नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से औराई प्रखंड से लेकर कटरा प्रखंड तक बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इसे लेकर ग्रामीणों में एक बार फिर दहशत का माहौल है।
जिले के कटरा प्रखंड कार्यालय को जोड़ने वाली बागमती नदी पर बने बकुची पीपा पुल पर आवागमन प्रभावित हो गया है। वहीं, प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस आया है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। कटरा प्रखंड के कई स्कूलों में भी पानी भर गया है, जिसके कारण पठन-पाठन पर असर पड़ रहा है। बिहार विधानसभा के पहले अध्यक्ष रामदयालु सिंह के गांव में भी बाढ़ ने कहर बरपाया है। गांव के स्कूलों में पानी भर गया है और कई घरों में पानी घुसने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रोजमर्रा की गतिविधियां ठप हो गई हैं, जिससे लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार लंबे समय तक बाढ़ नहीं आई थी, लेकिन अब अचानक बागमती के जलस्तर में वृद्धि से हालात बिगड़ गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक तैयारी न होने के कारण कई जगहों पर बांध टूट गए और सड़कों को भी नुकसान पहुंचा है। कई घरों में पानी घुस गया है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
किसान संजीव सिंह ने बताया कि लगातार दो दिनों की बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर ने फसलों को तबाह कर दिया है। खेतों में जलजमाव से धान सहित कई अन्य फसलें डूब गई हैं। उन्होंने कहा कि इस बार बाढ़ देर से आई, लेकिन अब आई तो पूरी फसल को बर्बाद कर गई। किसानों पर बड़ी आफत आ गई है। बाढ़ का पानी स्कूलों और घरों में घुसने के साथ-साथ जनजीवन को भी प्रभावित कर रहा है। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य को लेकर फिलहाल कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है, जिससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।