मुजफ्फरपुर जिले से एक संवेदनशील और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां दसवीं कक्षा की एक छात्रा ने सीबीएसई परीक्षा में खराब परिणाम आने से आहत होकर आत्महत्या का प्रयास किया। मड़वन प्रखंड के एक गांव निवासी इस छात्रा ने एक साथ कई दवाओं का सेवन कर लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। पता लगने पर परिजनों द्वारा आनन-फानन में उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह अब भी डॉक्टरों की निगरानी में है।
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रिजल्ट के बाद खुद को कमरे में बंद कर खा लीं कई दवाएं
जानकारी के मुताबिक, छात्रा मनीषा एक निजी स्कूल की छात्रा है और इस वर्ष उसने सीबीएसई की दसवीं बोर्ड परीक्षा दी थी। मंगलवार को परीक्षा के परिणाम घोषित हुए, जिसमें वह पास तो हुई, लेकिन अपेक्षा से काफी कम अंक आने पर वह टूट गई। परिजनों ने बताया कि रिजल्ट देखने के बाद मनीषा बेहद मायूस हो गई और खुद को कमरे में बंद कर लिया। कुछ ही देर बाद उसने इलाज में चल रही कई दवाओं का एक साथ सेवन कर लिया।
माता-पिता ने बताई असली वजह
मनीषा के पिता ने बताया कि बेटी पास हुई है, लेकिन उम्मीद से कम अंक आए। कुछ महीनों से उसका इलाज भी चल रहा था, वह पहले से थोड़ी बीमार थी। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारी बेटी जल्द ठीक होकर घर लौट आए, अभी अस्पताल में इलाज जारी है। वहीं, मनीषा की मां ने कहा कि वह पढ़ाई में शुरू से ही होनहार थी, लेकिन पिछले कुछ समय से उसकी तबीयत खराब चल रही थी और उसका इलाज चल रहा था। रिजल्ट आने के बाद वह गहरे सदमे में चली गई और उसने वह सभी दवाएं खा लीं जो उसके इलाज के दौरान घर पर रखी गई थीं।
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‘स्थिति स्थिर है, निगरानी में है मरीज’
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अस्पताल में उसका इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ. गौरव वर्मा ने बताया कि छात्रा की हालत अब स्थिर है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। उन्होंने कहा कि मरीज ने एक साथ कई दवाएं खा ली थीं, जो मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित इलाज की थीं। समय रहते इलाज शुरू होने से स्थिति संभली है, लेकिन निगरानी जरूरी है।