ठंड से थोड़ी राहत मिलते ही मुजफ्फरपुर शहर की आबोहवा एक बार फिर दमघोंटू हो गई है। शहर में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है और इस वर्ष का अब तक का सबसे अधिक एक्यूआई दर्ज किया गया है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों के अनुसार मुजफ्फरपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 466 तक पहुंच गया है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
ठंड के मौसम के बीच प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि दिन में धूप निकलने से कुछ राहत जरूर मिल रही है, लेकिन प्रदूषण के कारण सांस संबंधी बीमारियों के बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं, जिनमें शहर की हवा को ‘सबसे खराब’ श्रेणी में रखा गया है।
बताया जा रहा है कि यह इस वर्ष का अब तक का सबसे बड़ा प्रदूषण रिकॉर्ड है। शहर के अलग-अलग इलाकों में एक्यूआई का स्तर बेहद खतरनाक दर्ज किया गया है। अतरदाह क्षेत्र में एक्यूआई 427, बुद्धा कॉलोनी में 459 और समाहरणालय क्षेत्र में 462 दर्ज किया गया है, जबकि शहर का औसत एक्यूआई 466 तक पहुंच गया है।
वायु प्रदूषण को लेकर चिकित्सकों ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। चिकित्सक डॉ. गौरव वर्मा ने बताया कि ठंड और प्रदूषण का एक साथ असर गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है। उन्होंने लोगों से धूल-मिट्टी से खुद और अपने परिवार को बचाने, मास्क का इस्तेमाल करने और सांस से जुड़ी किसी भी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी। डॉ. वर्मा ने कहा कि बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी दवा नहीं लें। रात और अहले सुबह के समय ठंड ज्यादा रहती है, ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। साथ ही चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही अपनी दिनचर्या अपनाएं।