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Bihar: प्रसव बना मातम! अवैध निजी क्लीनिक में ऑपरेशन से जच्चा-बच्चा की मौत, शव लेकर 4 घंटे तक भटकते रहे कर्मी

Tue, 20 Jan 2026 11:24 AM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा

सार

नालंदा जिले में प्रसव के लिए निजी क्लीनिक का रुख करना एक परिवार के लिए भारी पड़ गया। आरोप है कि गलत इलाज और जल्दबाजी में किए गए ऑपरेशन के कारण एक युवा महिला और उसके नवजात की जान चली गई।
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सोनम कुमारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नालंदा जिले के बिंद थाना क्षेत्र में सोमवार की रात प्रसव के दौरान एक निजी क्लीनिक में कथित लापरवाही से जच्चा और नवजात की मौत हो गई। मामला बिंद थाना क्षेत्र स्थित ऊषा नर्सिंग होम से जुड़ा है। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की लापरवाही के कारण दोनों की जान चली गई। मृतका की पहचान खानपुर गांव निवासी सचिन कुमार की 19 वर्षीय पत्नी सोनम कुमारी के रूप में हुई है।
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परिजनों ने बताया कि करीब एक साल पहले सोनम की शादी सचिन कुमार से हुई थी। सोमवार की शाम प्रसव पीड़ा होने पर सोनम को इलाज के लिए बिंद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया। इसी दौरान एक आशा कार्यकर्ता वहां पहुंची और निजी क्लीनिक में प्रसव कराने की सलाह दी। परिजन उसके कहने में आ गए और सोनम को ऊषा नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया गया।

परिजनों के अनुसार, नर्सिंग होम में मौजूद डॉक्टर ने ऑपरेशन कर बच्चा निकालने की बात कही। इस पर परिवार के लोगों ने ऑपरेशन कराने से इनकार करते हुए प्रसूता को किसी दूसरे क्लीनिक ले जाने की बात कही। हालांकि नर्सिंग होम के कर्मियों ने भरोसा दिलाया कि जच्चा और बच्चा पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। आरोप है कि गलत तरीके से ऑपरेशन किए जाने के कारण जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई।
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परिवार वालों का आरोप है कि जच्चा और बच्चा की मौत के बाद दोनों को एंबुलेंस से पटना रेफर कर दिया गया और करीब चार घंटे तक एंबुलेंस में ही रखकर इधर-उधर घुमाया गया। इस दौरान एक एंबुलेंस को पेट्रोल पंप पर बदलकर दूसरे एंबुलेंस में दोनों को रखकर फिर से वापस ले आया गया।

परिजनों का यह भी आरोप है कि ऊषा नर्सिंग होम में ऑपरेशन के बदले कर्मियों ने 25 हजार रुपये की मांग की थी। हालांकि जच्चा और बच्चा की मौत के बाद नर्सिंग होम के कर्मी और डॉक्टर मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि बिंद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ठीक बगल में ऊषा नर्सिंग होम संचालित हो रहा था। क्लीनिक के बाहर लगे बोर्ड पर नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं था। घटना के बाद अस्पताल के सभी कर्मी फरार बताए जा रहे हैं। बैनर पर डॉक्टर उदय कुमार, डॉक्टर प्रहलाद कुमार, डॉक्टर एम.एस. प्रवाज और डॉक्टर बबिता कुमारी के नाम लिखे हुए हैं।

बिंद पीएचसी के प्रभारी डॉक्टर उमाकांत ने बताया कि संबंधित आशा कार्यकर्ता की पहचान की जा रही है, जो फिलहाल फरार है। साथ ही अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि अस्पताल के बगल में ऊषा नर्सिंग होम कब से संचालित हो रहा था। वहीं, बिंद थाना प्रभारी चंदन कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अस्पताल छोड़कर सभी कर्मी फरार हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मॉडल अस्पताल भेजा जा रहा है।

 

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