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Crime: जाली नोटों के साथ पकड़ा गया नजरे सद्दाम पेशे से था सॉफ्टवेयर इंजीनियर, जानें नेपाल से क्या है कनेक्शन

Fri, 06 Sep 2024 09:18 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी

सार

Motihari News: एसपी ने बताया कि इस जाली नोट का कनेक्शन नेपाल के धोरे गांव के पास है। यहां दो सगे भाई जाली नोट की इनको सप्लाई करते थे। दोनों जाली नोट को बॉर्डर पार कराते थे और भेलाही के पास इनको जाली नोट की खेप मिलती थी। पढ़ें पूरी खबर...।
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मोतिहारी में गिरफ्तार किए गए थे तीन जाली नोट तस्कर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मोतिहारी में पुलिस ने जाली नोटों के साथ तीन तस्करों को पकड़ा था, जिनमें एक आरोपी नजरे सद्दाम पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। पकड़े गए आरोपियों की साजिश थी कि जाली नोटों को जम्मू कश्मीर की चुनाव में खपाया जाए, लेकिन वे उससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

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एसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने पत्रकारों को बताया कि पांच सितंबर को जाली नोट के साथ मोतिहारी पुलिस ने तीन तस्करों को पकड़ा है। इनसे पांच सौ रुपये नोट की शक्ल में तीन सौ जाली नोट बरामद किए गए थे। उन्होंने बताया कि तस्करों से एक लाख 95 हजार जाली रुपये मिले हैं। पकड़े गए तस्करों से कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं। उनकी निशानदेही पर कश्मीर के अनंतनाग में सरफराज नाम का अपराधी भी पकड़ा गया है और उससे भी वहां पूछताछ चल रही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ में उनके किंगपिन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
 
गौरतलब है कि कल नेपाल बॉर्डर से करीब डेढ़ लाख नकली रुपये के साथ नजरे सद्दाम समेत तीन लोग पकड़े गए हैं। पकड़े गए तीनों तस्कर भागलपुर, भोजपुर और पटना के रहने वाले हैं। इनमें से नजरे सद्दाम सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी है। बताया जा रहा है कि नजरे सद्दाम इसके पहले मार्च और जून में भी बॉर्डर से दिल्ली होते हुए कश्मीर जाली नोट की सप्लाई कर चुका है। उस वक्त भी पुलिस उसके पीछे लगी थी। लेकिन यह तीनों बार कामयाब हो गया। लेकिन चौथी बार इसके पाप का घड़ा फूट गया।
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एसपी ने बताया कि इस जाली नोट का कनेक्शन नेपाल के धोरे गांव के पास है। यहां दो सगे भाई जाली नोट की इनको सप्लाई करते थे। दोनों जाली नोट को बॉर्डर पार कराते थे और भेलाही के पास इनको जाली नोट की खेप मिलती थी। वहां से मोटरसाइकिल से इनका काम आगे ले जाकर फिर अन्य माध्यम से कश्मीर तक जाना होता था। कश्मीर के बड़े तस्कर से इनका संपर्क है और उससे नोट का ट्रांजेक्शन होता था।

एजेंसी सूत्रों के अनुसार, नेपाल के धोरे गांव से संतोष सहनी से रुपये लेकर कश्मीर के अनंतनाग के सरफराज को रुपये की डिलीवरी की जाती थी। सरफराज उन रुपयों का इस्तेमाल उग्रवादी कार्यों में करता है। इधर, जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव भी है और इसको लेकर वहां इस प्रकार की गतिविधि काफी बढ़ गई है। पकड़े गए तीनों युवकों में से जाकिर उर्फ मुमताज मोतिहारी के रक्सौल और छतौनी के होटलों में कई बार कई दिनों तक रुक चुका है। मोतिहारी में रुके रहने के दौरान जाकिर उर्फ मुमताज की गतिविधियों को अब खुफिया एजेंसी बारीकी से खंगालने में जुट गई है।

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