विधायक सह राजद जिलाध्यक्ष मनोज यादव के बदले सुर
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इधर, मेयर ने भी अपने पति के बचाव में एसपी को एक आवेदन दिया था। उसमें दावा किया गया था कि घटना के दिन मेयर पति पटना के दो होटलों सहित विधायक मनोज यादव के आवास पर रुके थे। मेयर के आवेदन की जब पुलिस ने बारीकी से जांच शुरू की तो एक के बाद एक बचाव के सभी दावे झूठ निकलते चले गए।
मोतिहारी के एसपी कांतेश मिश्रा ने बताया कि पलास होटल में मेयर पति देवा गुप्ता के रुकने का कोई प्रमाण नहीं मिल सका है। जबकि होटल अशोका का बिल तो है, पर रजिस्टर पर मेयर पति के हस्ताक्षर ही नहीं हैं। विधायक सह राजद जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने भी घटना के दिन अपने साथ होने से इनकार किया है। अब मोतिहारी पुलिस की आगे की कार्रवाई का सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।