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बिहार में रातो नदी का प्रचंड रूप: श्रीखंडी भिट्ठा और सिमियाही गांव जलमग्न, लोग ऊंचे ठिकानों पर शरण लेने पहुंचे

Mon, 11 Aug 2025 04:22 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी

सार

Bihar: भिट्ठामोड़ से रातो पुल के पास वार्ड संख्या 5 तक जाने वाली एकमात्र पीसीसी सड़क पर चार फुट ऊंचा पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है। ग्रामीणों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। हर साल बाढ़ की मार झेल चुके कई परिवार इस बार भी मवेशियों के साथ ऊंचे स्थानों पर पनाह ले रहे हैं।
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बाढ़ का आलम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीतामढ़ी जिले के सुरसंड प्रखंड में बहने वाली रातो नदी इस समय उफान पर है। श्रीखंडी भिट्ठा पूर्वी पंचायत के वार्ड संख्या 5 और दिवारी मतौना पंचायत के सिमियाही गांव में हालात गंभीर हो गए हैं। जलस्तर में एक फुट की वृद्धि के बाद दोनों इलाकों में बाढ़ का पानी फैलकर गांव को पूरी तरह जलमग्न कर चुका है।

भिट्ठामोड़ से रातो पुल के पास वार्ड संख्या 5 तक जाने वाली एकमात्र पीसीसी सड़क पर चार फुट ऊंचा पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है। ग्रामीणों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। हर साल बाढ़ की मार झेल चुके कई परिवार इस बार भी मवेशियों के साथ ऊंचे स्थानों पर पनाह ले रहे हैं। पंचायत की मुखिया रेणुका साह और मुखिया प्रतिनिधि रामविवेकी साह के अनुसार, इस बार पानी का स्तर अब तक के मुकाबले सबसे ज्यादा है। उन्होंने जिला प्रशासन से तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है।

दूसरी ओर, दिवारी मतौना पंचायत का सिमियाही गांव भी पूरी तरह पानी से घिरा है। वार्ड सदस्य प्रतिनिधि नजारे अंसारी ने बताया कि वार्ड संख्या 6 के लगभग डेढ़ दर्जन अनुसूचित जाति परिवार पानी में फंसे हुए हैं, लेकिन अब तक कोई सरकारी मदद नहीं पहुंची है। वार्ड संख्या 4 में पीसीसी सड़क पर तीन फुट पानी बह रहा है, जबकि वार्ड संख्या 5 में करीब डेढ़ दर्जन घरों में पानी घुस चुका है।

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गांव के अन्य रास्तों पर भी दो से तीन फुट पानी बह रहा है और धान की फसलें पूरी तरह डूब गई हैं। संवाद प्रेषण तक जलस्तर में कमी नहीं आई थी। ग्रामीणों के लिए यह बाढ़ सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को ठप कर देने वाली त्रासदी बन चुकी है। लोग अब प्रशासन से मदद की आस लगाए हुए हैं।

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