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Bihar News: सीएचसी में बड़ी लापरवाही, मरीज को दी गई एक्सपायरी दवा, तबीयत बिगड़ने पर हुआ खुलासा

Fri, 23 Jan 2026 11:15 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली

सार

वैशाली जिले के महनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक मरीज को एक्सपायरी दवा दे दी गई, जिसे मरीज ने खा भी लिया। दवा खाने के बाद मरीज की तबीयत बिगड़ने पर उसे जांचने पर पता चला कि दवा अप्रैल 2025 में एक्सपायर हो चुकी थी।
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सोनू कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वैशाली जिले के महनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक मरीज को एक्सपायरी दवा दे दी गई, जिसे मरीज ने सेवन भी कर लिया। दवा खाने के बाद मरीज की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। शिकायत सामने आने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने तीन स्वास्थ्य कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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19 जनवरी को हुआ पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, 19 जनवरी 2026 को महनार प्रखंड के पहाड़पुर निवासी शंकर रजक के पुत्र सोनू कुमार रजक लूज मोशन की शिकायत लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महनार पहुंचे थे। यहां चिकित्सक द्वारा जांच के बाद उन्हें दवा पुर्जा पर दवाएं लिखकर दी गईं। इसके बाद सोनू कुमार ने अस्पताल के दवा काउंटर से दवाएं लीं और घर लौट गए। मरीज का आरोप है कि रात में दवा खाने के बाद उसका पेट पूरी तरह टाइट हो गया और हालत बिगड़ने लगी।

सुबह देखने पर पता चली एक्सपायरी दवा

सोनू कुमार ने बताया कि जब सुबह उसने दवा की स्ट्रिप को ध्यान से देखा, तो पाया कि वह दवा अप्रैल 2025 में ही एक्सपायर हो चुकी थी। इसके बाद गुरुवार को वह शिकायत लेकर दोबारा अस्पताल पहुंचे और एक्सपायरी दवा की स्ट्रिप व दवा पुर्जा संबंधित चिकित्सक को दिखाया। आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद संबंधित चिकित्सक ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
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दवा काउंटर पर स्वीकार की गई गलती

इसके बाद सोनू कुमार दवा काउंटर पर पहुंचे, जहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मी ने गलती से एक्सपायरी दवा दिए जाने की बात स्वीकार की और दूसरी दवा देने की बात कही। हालांकि, जब पूरे मामले की जानकारी अस्पताल प्रशासन को मिली, तो इसे गंभीरता से लिया गया।
मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने फार्मासिस्ट जितेंद्र कुमार, एएनएम मंगरिटा मिंज और एफपीडब्ल्यू हरिशंकर कुमार से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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स्थानीय लोगों में आक्रोश

इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यह जानलेवा लापरवाही है और दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना है कि बिना जांचे मरीजों को दवा देना बेहद गंभीर मामला है। लोगों ने यह भी कहा कि सौभाग्य से मरीज की जान बच गई, अन्यथा एक्सपायरी दवा के सेवन से गंभीर साइड इफेक्ट या जान जाने तक की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

 

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