गोपालगंज पुलिस STF और SOG के हत्थे चढ़ा गैंगस्टर लॉरेंस गैंग का शूटर शांतनु शिवम मामले में मुजफ्फरपुर पुलिस अलग-अलग बिंदुओं पर जांच में जुटी हुई है। एडिशनल एसपी ईस्ट सहरियार अख्तर ने बताया कि शूटर ने बहुत पहले जिला छोड़ दिया था। फिर वह राजस्थान में रहकर इस गैंग के संपर्क में आया था और फिर जुड़ गया। अभी तक जिला में थाना में कोई मामला दर्ज नहीं है। ग्लॉक पिस्टल सहित कई अन्य बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
बीते दिनों बिहार के गोपालगंज जिले से लगती यूपी के बॉर्डर पर पकड़े गए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के दो शूटर जिनमें से एक गायघाट थाना क्षेत्र के बोरवारीडीह गांव का रहने वाला है। शांतनू शिवम और वह बहुत पहले ही काम के सिलसिले में राजस्थान गया। फिर काम करने के दौरान में वहां पर सक्रिय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया और उसमें जुड़ गया। वहीं, इस गैंग के सदस्य के पकड़े जाने के बाद जिला पुलिस की टीम अलर्ट मोड पर काम कर रही है और अपने स्तर से जांच कर रही है।
मामले में ADDN SP ईस्ट सहरियार अख्तर ने कहा कि अब तक पकड़े गए शांतनु शिवम के खिलाफ प्राथमिकी और अन्य कोई भी मामला दर्ज नहीं है। गोपालगंज की पुलिस STF और SOG को इस मामले में जानकारी और सहयोग दिया गया है। अब तक की जानकारी में कोई भी मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रियाई ग्लॉक पिस्टल के साथ एक अन्य साथी के साथ पकड़े गए शांतनु शिवम के लोकल कनेक्शन सहित कई एंटी बिंदुओं और उसके आने के मकसद पर हमारी टीम भी काम कर रही है।
दरअसल, जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र में चार ग्लॉक पिस्टल के साथ शांतनु शिवम के पकड़े जाने के बाद बिहार एसटीएफ टीम उसके पैतृक गांव गायघाट के बोआरीडीह पहुंची थी। जहां पुलिस के सहयोग से शूटर शांतनु शिवम के परिजनों से लंबी पूछताछ की गई है। अब तक की जानकारी में कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी नहीं मिली है।
पुलिस उन सभी बिंदुओं पर भी जांच कर रही है कि क्या शांतनु शिवम ने इस गैंग में जुड़ने के बाद स्थानीय लोगों और गांव के अन्य युवा को जोड़ने का काम तो नहीं किया। यानी अब पुलिस लोकल कनेक्शन मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही है। जिला की पुलिस इस मामले में गोपालगंज पुलिस बिहार एसटीएफ को पूरा सहयोग करेगी।
बीते दो वर्ष के अंदर पुलिस और एसटीएफ ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े आधा दर्जन से अधिक शूटर को पकड़ा है। उसके बाद उत्तर प्रदेश में इस गैंग के सक्रिय होने के प्रमाण मिले हैं। यही नहीं मुजफ्फरपुर पुलिस द्वारा सीतामढ़ी मुजफ्फरपुर एनएच के पास दो शूटर को पकड़ा गया था। वहीं, पूर्वी चंपारण जिले के नेपाल बॉर्डर और अब गोपालगंज जिले में पकड़े जाने के बाद उत्तर बिहार और नेपाल में सक्रिय होने के प्रमाण मिल चुके हैं। यही नहीं, मोतिहारी में इस गैंग के सदस्य द्वारा फिरौती मांगी जाने के मामले भी दर्ज हो चुके थे। उत्तर बिहार में अपनी पैठ और युवाओं को जोड़ने में इस गैंग की एंट्री होने के बाद पुलिस के साथ एजेंसी भी एलर्ट पर काम कर रही है।