वैशाली जिला में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के विशेष न्यायाधीश ने 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म मामले में उसके चचेरे भाई और एक साथी को दोषी ठहराया है। किशोरी को करीब डेढ़ साल तक दुष्कर्म कर गर्भवती किया गया था। जिसको लेकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की जांच पड़ताल करने के बाद चचेरे भाई और उसके साथी को जेल भेजा था।
मंगलवार को चचेरे भाई गुड्डू सहनी और उसके साथी बजरंगी सहनी को दोषी करार दिया गया। यह मामला महिला थाना कांड संख्या 36/22 से जुड़ा है। न्यायालय ने दोनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 376-बी और 120-बी के तहत दोषी पाया है। सजा के बिंदु और पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 पर सुनवाई 30 जनवरी को होगी।
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पॉक्सो के विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि घटना मार्च 2021 में शुरू हुई थी। लालगंज थाना क्षेत्र की किशोरी को उसका चचेरा भाई गुड्डू सहनी लालगंज स्थित अपने दोस्त के खाली मकान में ले गया। वहां उसके साथ पहली बार दुष्कर्म किया गया और जान से मारने की धमकी देकर उसे चुप रहने पर मजबूर किया गया। कुछ दिनों बाद, आरोपी गुड्डू सहनी किशोरी को मौसी के घर से बहाने से बाहर निकालकर अपने साथी बजरंगी सहनी के साथ एक अन्य मकान में ले गया। वहां दोनों ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
पेट में दर्द होने पर जांच कराई
सितंबर 2022 में किशोरी के पेट में दर्द होने पर जांच कराई गई, जिससे उसके गर्भवती होने का खुलासा हुआ। पीड़िता ने अपनी मां को पूरी घटना बताई। मां के पूछने पर गुड्डू सहनी ने 4 हजार रुपये देकर गर्भपात कराने की कोशिश भी की। इसके बाद महिला थाना में दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जांच के दौरान हुए आनुवंशिक परीक्षण (DNA टेस्ट) में यह साबित हुआ कि किशोरी के गर्भ में पल रहे बच्चे का जैविक पिता उसका चचेरा भाई गुड्डू सहनी ही है। न्यायालय अधिवक्ता अमित कुमार ने बताया कि इस मामले में सबूतों की गुणवत्ता और कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह मजबूत रही। पीड़िता के बयान, आनुवंशिक परीक्षण और गवाहों के प्रमाणों ने आरोपियों को दोषी ठहराने में निर्णायक भूमिका निभाई।