अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की पड़ताल अब बिहार के पूर्वी चंपारण जिले तक पहुंच गई है। फेनहारा थाना क्षेत्र के कालूपकर वार्ड संख्या-2 निवासी मो. कलामुद्दीन से एजेंसी ने पूछताछ की है। साथ ही उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है और उसे 13 जुलाई को पटना स्थित NIA कार्यालय में दोबारा पूछताछ के लिए उपस्थित होने का नोटिस दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, RC-10/2024/NIA/DLI मामले की जांच के दौरान कलामुद्दीन का नाम सामने आया। एजेंसी को संदेह है कि वह ऐसे नेटवर्क के संपर्क में था, जो भारतीय युवकों को कंबोडिया भेजने और उनके यात्रा टिकट की व्यवस्था कराने में कथित भूमिका निभाता था।
मोबाइल डेटा और वित्तीय लेन-देन की होगी जांच
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर NIA अब कलामुद्दीन के मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल, संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके संपर्क किन लोगों से थे और नेटवर्क की गतिविधियां कितनी व्यापक थीं।
विदेश भेजे गए युवकों की भी हो रही पड़ताल
जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि इस नेटवर्क के माध्यम से कितने भारतीय युवकों को विदेश भेजा गया और क्या उन्हें वहां साइबर ठगी या अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया था। मामले के तार देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों तक जुड़े होने की आशंका के मद्देनजर जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
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13 जुलाई को फिर होगी पूछताछ
एनआईए को उम्मीद है कि जब्त मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों और आगे की पूछताछ से नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान हो सकती है। इसी उद्देश्य से कलामुद्दीन को 13 जुलाई को पटना स्थित NIA कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
हालांकि, एजेंसी ने अब तक इस मामले में कलामुद्दीन की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल जांच जारी है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका या आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।