वैशाली जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पटेढ़ी बेलसर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कामिनी प्रसाद और डाटा ऑपरेटर हिमांशु कुमार को ब्यूरो की टीम ने उनके कार्यालय कक्ष से 8,600 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
बकाया भुगतान के एवज में मांगी जा रही थी रिश्वत
निगरानी ब्यूरो से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई परिवादी जयपाल सिंह द्वारा ब्यूरो के पटना कार्यालय में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है। परिवादी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर के बकाया भुगतान के सिलसिले में मार्च 2024 से सितंबर 2026 तक के विभिन्न बिलों को स्वीकृत करने और उनका भुगतान करने के एवज में आरोपियों द्वारा लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। कुल 1,29,800 रुपये के बकाया भुगतान के बदले रिश्वत मांगी गई थी। इससे परेशान होकर परिवादी ने निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई।
विशेष छापेमारी दल का गठन और त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की तकनीकी टीम ने मामले का सत्यापन किया। इसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस निरीक्षक आदित्य अंशु के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
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गठित टीम ने योजनाबद्ध तरीके से पटेढ़ी बेलसर पीएचसी स्थित कार्यालय कक्ष में छापेमारी की और दोनों आरोपियों को परिवादी से 8,600 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों में हड़कंप मच गया।
आगे की कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ ले जाकर पूछताछ कर रही है। कागजी कार्रवाई और प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को मुजफ्फरपुर स्थित विशेष न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।