Bihar: वैशाली में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है, जिसमें घटना के महीनों बाद भी पीड़िता गर्भवती है और न्याय के लिए भटक रही है। पीड़िता के अनुसार, उसकी सहेली ने साजिश के तहत उसे घर बुलाया, जहां दो लड़कों ने उसे नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया।
वैशाली जिले के लालगंज में दुष्कर्म के महीनों बाद भी गर्भवती नाबालिग पीड़िता पेट में बच्चा पाल रही है और न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। थाना में प्राथमिकी के बावजूद अब तक आरोपित को पकड़ने में पुलिस नाकामयाब रही है। नतीजतन पीड़िता और उसका परिवार डरा-सहमा हुआ है।
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सोने के बहाने ले गई सहेली और मिला जिंदगी भर का जख्म
घटना के संबंध में नाबालिग पीड़िता ने बताया कि जब वह अपने घर में थी, तभी पड़ोस की एक सहेली उसके घर आई और बहाना बनाते हुए उसे अपने साथ घर चलने और वहीं सोने की बात कही। पड़ोसी लड़की ने कारण का हवाला देते हुए कहा कि मेरे घर में कोई नहीं है, अकेले डर लगता है, इसलिए साथ चलो और रात में वहीं सोना। पीड़िता के मना करने पर पड़ोसी लड़की ने पीड़िता के परिजनों को अपनी परेशानी बताते हुए खुद के घर में अकेले होने की बात कहकर भरोसे में लिया। इसके बाद नाबालिग को अपने साथ घर ले गई। पड़ोसी लड़की के घर जाने के बाद वहां बगल के दो लड़कों को उसकी सहेली अपने घर बुला लेती है। इसके बाद सभी मिलकर नाबालिग को कुछ पिलाकर सुला देते हैं।
सुबह उठने पर पता चली सच्चाई
पीड़िता के अनुसार, दोनों लड़कों ने उन दोनों लड़कियों से शारीरिक संबंध बनाए, जिसकी जानकारी नाबालिग पीड़िता को अगली सुबह उठने के बाद हुई। उसने बताया कि सुबह उठने के बाद उसके कपड़े बिखरे पड़े थे, तब लड़की को उसके साथ गलत होने का आभास हुआ। इस घटना के बाद पड़ोस की लड़की और दोनों लड़के मिलकर नाबालिग को ब्लैकमेल करते हैं और बार-बार संबंध बनाने के लिए दबाव देते हैं। ऐसा नहीं करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाती है।
कैसे खुला मामला?
पीड़िता ने बताया कि इस डर से वह किसी को कुछ नहीं बता सकी। मगर हाल में करीब एक-दो महीने पहले जब उसके शरीर में कुछ बदलाव आया, तो वह अपनी मां के साथ सदर अस्पताल में दिखाने पहुंची। जांच के दौरान पता चला कि नाबालिग पीड़िता गर्भवती हो चुकी है। परिजनों द्वारा पूछताछ के दौरान उसने सारी बात बताई। इसके बाद सामाजिक स्तर पर न्याय नहीं मिलने के बाद पीड़ित परिवार ने लालगंज थाने में दोनों आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी कराई। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित पक्ष न्याय के लिए दर-दर भटकने के लिए मजबूर है।