ओमान तट के समीप होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कमर्शियल तेल टैंकर पर हुए मिसाइल हमले के बाद वैशाली जिले का एक युवक लापता हो गया है। घटना के पांच दिन बीत जाने के बावजूद सरकार या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि न होने पर गमगीन स्वजन ने पुतला बनाकर उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया है। इस घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
सुमित सिंह क्रू मेंबर के रूप में कार्यरत थे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला भगवानपुर थाना क्षेत्र के किरतपुर राजाराम गांव का है। सुमित सिंह विदेशी कमर्शियल तेल टैंकर जहाज MT EI JIA (IMO-9325336) पर क्रू मेंबर के रूप में कार्यरत थे। स्वजन के मुताबिक, 12 सितंबर की देर रात हुए इस हमले से 4-5 घंटे पहले सुमित की अपने परिवार से आखिरी बार बात हुई थी।
उसने परिजनों को बताया था कि वह इस समय बेहद संवेदनशील माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र से गुजर रहा है और सुरक्षित बाहर निकलने के बाद दोबारा बात करेगा। इसके कुछ ही देर बाद जहाज पर मिसाइल हमले की खबर सामने आई। मीडिया रिपोर्ट्स और सहकर्मियों से मिली जानकारी के अनुसार, हमले के बाद जहाज पर सवार 14 क्रू मेंबर में से 13 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है, लेकिन सुमित का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
सुमित के साथ काम करने वाले एक सहयोगी ने स्वजन को अनहोनी की आशंका जताते हुए बताया है कि हमले के दौरान सुमित इंजन रूम में फंस गया था। हालांकि, अब तक किसी भी सरकारी या प्रशासनिक स्तर पर इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना के पांच दिन बाद भी स्थानीय प्रशासन से लेकर जिला स्तर तक के किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने पीड़ित परिवार की सुध नहीं ली है।
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परिवार के लोग गहरे सदमें में
स्वजन लगातार ओमान स्थित भारतीय दूतावास से लेकर देश के गृह मंत्रालय तक संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर तरफ से निराशा ही हाथ लग रही है। सुमित पिछले 5-6 वर्षों से मर्चेंट नेवी में अपनी सेवाएं दे रहे थे और इसी वर्ष मई के महीने में इस जहाज पर गए थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बेहद छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिन्हें अब तक यह भी नहीं पता कि उनके पिता किस विकट परिस्थिति से जूझ रहे हैं। जवान बेटे के लापता होने और दो मासूमों के सिर से पिता का साया उठने की आशंका ने पूरे किरतपुर राजाराम गांव को झकझोर कर रख दिया है।