भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। निगरानी की टीमों ने पटना और पूर्णिया स्थित उनके तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। सुबह करीब सात बजे शुरू हुई कार्रवाई के बाद भवन निर्माण विभाग में भी हलचल मच गई।
सीनियर डीएसपी संतोष कुमार ने बताया कि अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी के खिलाफ निगरानी थाना में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की प्राथमिक शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। फिलहाल जब्त किए गए कागजातों के आधार पर उनकी अवैध संपत्ति का अंतिम मूल्यांकन किया गया है। प्रारंभिक जांच में उनकी वैध आय के मुकाबले करीब 1 करोड़ 97 लाख 58 हजार 70 रुपये अधिक की संपत्ति का आकलन किया गया है। यह राशि उनकी ज्ञात आय से करीब 68 प्रतिशत अधिक बताई गई है।
पत्नी और परिजनों के नाम पर संपत्तियों की पड़ताल
जांच के दौरान सत्येंद्र कुमार चौधरी, उनकी पत्नी उषा देवी और सास के नाम पर संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। निगरानी के अनुसार, वर्ष 2011 से 2025 के बीच इन संपत्तियों की खरीद की गई। जांच में कुल सात अचल संपत्तियों का पता चलने की बात कही गई है। इनमें जमीन, मकान और फ्लैट शामिल हैं। निगरानी ने इन अचल संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 3.60 करोड़ रुपये बताया है। इसके अलावा करीब 26 लाख रुपये की चल संपत्ति का भी आकलन किया गया है।
फुलवारीशरीफ में पांच मंजिला मकान
तलाशी के दौरान पटना के फुलवारीशरीफ में पांच मंजिला मकान भी जांच के दायरे में आया। यहां लिफ्ट, सोलर पैनल, 10 एसी और महंगे फर्नीचर जैसी सुविधाएं होने की जानकारी सामने आई है। इनकी कीमत का आकलन कराया जा रहा है। इसके अलावा एजी कॉलोनी में तीन मंजिला भवन से जुड़े दस्तावेज और संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड की भी जांच की गई।
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नौबतपुर और दानापुर में जमीन
निगरानी की जांच में नौबतपुर में करीब 74 डिसमिल के चार प्लॉट और दानापुर में 7.18 डिसमिल जमीन से संबंधित जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा स्थित एक फ्लैट का भी रिकॉर्ड जांच टीम को मिला है। इन सभी संपत्तियों की खरीद और उनके लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत की पड़ताल की जा रही है।
बैंक खातों और निवेश के दस्तावेज भी मिले
तलाशी के दौरान टीम को बैंक खातों, निवेश, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य वित्तीय लेनदेन से संबंधित कागजात मिलने की जानकारी है। संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी निगरानी ने अपने कब्जे में लिए हैं। निगरानी अधिकारियों के मुताबिक, जब्त दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों का अंतिम मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रमोशन के बाद पूर्णिया में हुई थी पोस्टिंग
सत्येंद्र कुमार चौधरी को जुलाई 2026 में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद से पदोन्नत कर अधीक्षण अभियंता बनाया गया था। इसके बाद उन्हें पटना से पूर्णिया पदस्थापित किया गया था। वर्तमान में वे भवन निर्माण विभाग के पूर्णिया अंचल में अधीक्षण अभियंता के पद पर तैनात हैं। निगरानी की टीम इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।