विद्यार्थियों ने कुलपति के खिलाफ किया विरोध-प्रदर्शन
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मुजफ्फरपुर की बिहार यूनिवर्सिटी में नामांकन शुल्क को लेकर छात्र-छात्राओं का गुस्सा उभर कर सामने आया है। विश्वविद्यालय के गेट पर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया और कुलपति का पुतला फूंककर विरोध जताया। इस प्रदर्शन में छात्रों ने नामांकन शुल्क को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक यह शुल्क वापस नहीं लिया जाएगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
नामांकन शुल्क पर विरोध और आरोप
छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 2022 के सत्र के लिए लिया गया अतिरिक्त नामांकन शुल्क अब चौथे सेमेस्टर में भी लिया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है। छात्रों का आरोप है कि राज्य सरकार ने पहले ही घोषणा की थी कि एससी/एसटी और सामान्य वर्ग के छात्रों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन बिहार यूनिवर्सिटी के प्रशासन ने इस आदेश की अवहेलना की है। छात्रों ने इसे कुलपति की मनमानी करार दिया है और कहा कि विश्वविद्यालय के अधिकारी उनकी बातों को लगातार नकार रहे हैं।
कुलपति और प्रशासन के खिलाफ छात्रों का गुस्सा
छात्रों का कहना है कि वे तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनके मुद्दे को सुनने के लिए तैयार नहीं है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि जब तक शुल्क वापस नहीं लिया जाएगा, वे आंदोलन जारी रखेंगे। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के विरोध को नजरअंदाज कर रहे हैं।
कुलसचिव ने दी यह प्रतिक्रिया
बिहार यूनिवर्सिटी के कुलसचिव प्री बी एस राय ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि राजभवन से इस संबंध में पहले ही पत्राचार किया गया था और राजभवन के निर्देश का पालन किया जा रहा है। कुलसचिव ने कहा कि अब तक उन्हें राजभवन से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही आदेश मिलेगा, वे इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई करेंगे।
राज्य सरकार का स्पष्ट रुख
बिहार सरकार ने पहले ही यह घोषणा की थी कि कोई भी अतिरिक्त नामांकन शुल्क छात्रों से नहीं लिया जाएगा। लेकिन विश्वविद्यालय में अभी भी शुल्क लिया जा रहा है, जिससे छात्रों में असंतोष और विरोध बढ़ रहा है।