वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के कक्ष संख्या-36 में एक बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मचा
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पश्चिम चंपारण स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के कक्ष संख्या-36 में एक बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही क्षेत्र पदाधिकारी के नेतृत्व में वनकर्मियों और अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची तथा पूरे इलाके में सघन तलाश अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान दोपहर करीब दो बजे घटनास्थल से कुछ दूरी पर झाड़ियों के बीच बाघ का शव बरामद किया गया। इसके बाद वन विभाग ने तत्काल पशु चिकित्सकों की टीम को मौके पर बुलाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद बाघ को मृत घोषित कर दिया।
कमजोर अवस्था में मिला बाघ
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया बाघ काफी कमजोर अवस्था में पाया गया। शव के निरीक्षण में उसके शरीर पर कई गहरे घाव के निशान मिले हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बाघ किसी दूसरे बाघ के साथ क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई में गंभीर रूप से घायल हो गया था। चोट लगने के बाद वह शिकार करने में असमर्थ हो गया, जिससे उसकी शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई।
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पूरे मामले की विस्तृत जांच भी शुरू की गई
हालांकि, वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी। बाघ के शव को वन विभाग परिसर लाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके साथ ही वन्यजीव विशेषज्ञों की निगरानी में पूरे मामले की विस्तृत जांच भी शुरू कर दी गई है। बाघ की मौत की घटना को वन विभाग गंभीरता से ले रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व देश के महत्वपूर्ण बाघ अभयारण्यों में शामिल है। ऐसे में इस तरह की घटना वन विभाग के लिए चिंता का विषय बन गई है।