वैशाली जिले के हाजीपुर में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय के 23 वर्षों के इंतजार के बाद बीते साल भूमि पूजन कर दिया गया। चार एकड़ भूमि में लगभग 52 करोड़ रुपये की लागत से दो वर्षों में विद्यालय का भवन निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस विद्यालय के बनने से 75 प्रतिशत सीटें स्थानीय बच्चों के लिए और 25 प्रतिशत केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चों के लिए आरक्षित होंगी।
2003 में हुआ था विद्यालय की स्थापना
केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए वर्ष 2003 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान ने पहल की थी। लेकिन जमीन उपलब्ध न होने के कारण शहर के दिग्गी कला स्थित डायट परिसर में विद्यालय का संचालन किया जाता रहा।
स्कूल के लिए जमीन उपलब्ध कराने में चिराग की भूमिका अहम
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय हाजीपुर के पूर्व शिक्षक बताते हैं कि एक समय इस विद्यालय में नामांकन बंद कर इसे बंद करने की तैयारी भी की जा रही थी। तब अभिभावकों और पूर्व प्रतिनिधि अवधेश सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल चिराग पासवान से मिला। चिराग पासवान ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बाधाओं को दूर कर विद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध कराने में पहल की।
2025 में केंद्रीय विद्यालय को जमीन देने की मंजूरी मिली
हाजीपुर में 2003 में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना हुई थी, लेकिन 22 वर्षों तक भूमि की प्रतीक्षा जारी रही। 2024 में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के प्रयास से हाजीपुर-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग पर होटल प्रबंधन संस्थान के पास पीडब्ल्यूडी की 4 एकड़ जमीन के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया। 2025 में केंद्रीय विद्यालय को जमीन देने की मंजूरी मिली।
दो साल में बनकर तैयार होगा स्कूल
विद्यालय के भवन निर्माण के लिए 52 करोड़ रुपये का मॉडल स्टीमेट तैयार किया गया है। इसे दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि इस विद्यालय की मंजूरी पब्लिक सेक्टर के तहत दी गई है, जिसमें 75 प्रतिशत सीटें स्थानीय बच्चों के लिए और 25 प्रतिशत सीटें केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चों के लिए आरक्षित होंगी। इससे सामान्य बच्चों को भी काफी लाभ मिलेगा।
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जमीन की रजिस्ट्री में लग गए पांच माह
2025 को भूमि पूजन के बाद प्रशासनिक प्रक्रिया, बिहार विधानसभा चुनाव और अन्य तंत्र की व्यस्तता के कारण जमीन की रजिस्ट्री में पांच माह लग गए। वैशाली की जिला अधिकारी वर्षा सिंह के विशेष प्रयासों से जमीन की रजिस्ट्री पूरी हुई। कार्यस्थल पर पुराने ढांचे को गिराने का काम तेजी से चल रहा है। निर्माण कार्य सीपीडब्ल्यूडी को सौंपा जाएगा और केंद्रीय विद्यालय के जल्द निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।