नेपाल की त्रिशूली नदी में भूस्खलन के कारण हुए बस हादसे में 60 से अधिक लोग लापता हो गए थे। वहीं, बिहार के पश्चिमी चंपारण के बगहा स्थित गंडक नदी से अब तक आठ शव बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है कि दो बसों में सवार 62 लोगों की तलाश में पुलिस और रेस्क्यू टीमों का अभियान लगातार जारी है।
जानकारी के अनुसार, रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीम ने जहां बीते रविवार को दो शव को बरामद किए। वहीं, सोमवार को दो और मंगलवार चार शवों को बरामद किया गया है और बाकी लापता लोगों की तलाश जारी है। अधिकारियों के अनुसार, बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त टीमों को भी तैनात किया जा रहा है। नेपाल पुलिस की टीम और वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के कर्मचारियों के सहयोग से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। भूस्खलन के कारण नदी की तेज धारा में बहकर शव वाल्मीकिनगर तक आ गए हैं। गंडक बैराज पर रेस्क्यू ऑपरेशन में शवों को बरामद किया जा रहा है।
इधर, घटना से प्रभावित परिवारों को संवेदना व्यक्त करते हुए नेपाल सरकार ने रेस्क्यू और राहत कार्यों में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। समय के साथ जैसे-जैसे शव मिल रहे हैं, वैसे-वैसे उनकी पहचान कराई जा रही है। हालांकि, गंडक नदी में जलस्तर तेज होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी हो रही है।
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते घटना उस वक्त हुई जब एक बस नेपाल के बीरगंज से राजधानी काठमांडू जा रही थी। वहीं, एक दूसरी बस काठमांडू से गौर जा रही थी। काठमांडू जा रही बस में सात भारतीयों समेत कुल 24 लोग सवार थे। वहीं, काठमांडू से आ रही बस में 30 नेपाली नागरिक सवार थे। जैसे ही दोनों बसें चितवन जिले के सिमलताल इलाके में नारायणघाट-मुगलिंग रोड पर थीं, तभी पहाड़ से भूस्खलन के साथ मलबा सड़क पर आ गिरा, जिसकी चपेट में आकर दोनों बसें त्रिशूली नदी में जा गिरीं थी। दोनों बसों में कुल 62 यात्री सवार थे।