डूबे हुए व्यक्ति की खोजबीन करते स्थानीय गोताखोर
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बताया जा रहा है कि 15 घंटे बीत जाने के बाद भी राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इस स्थिति में मंगलवार को स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। हालांकि रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने वाले स्थानीय लोगों में भी डर कायम है कि हम लोग भी कहीं गहरे पानी में न चले जाएं और जान को खतरा हो जाए। स्थानीय गोताखोरों ने भी एक-दूसरे का हाथ पकड़कर पानी में डूबे व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं। समय से स्थानीय प्रशासन का सहयोग न मिलने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
गौरतलब है कि पिछले दस दिन के भीतर पांच लोगों की नदी में डूबने से मौत हो गई है। इनमें तीन जून को बगहा में नहाने के दौरान गोड़ियापट्टी निवासी दो चचेरे भाई-बहन निवासी सबरु चौधरी के बेटे सुनील कुमार (10) और विजय चौधरी की बेटी पायल कुमारी (12) की मौत डूबने के कारण हो गई।
वहीं, दीन नगर के पुअरहाउस के पास नदी में नहाने के दौरान पुअरहाउस निवासी राजेश गोंड की बेटी प्रतिमा कुमारी (10) और अवध बिहारी की बेटी तकली कुमारी (11) की डूबने से मौत हो गई। प्रशासन द्वारा सभी के शव को बरामद कर लिया गया। जबकि आठ जून को वाल्मीकि नगर थाना क्षेत्र के कदमहिया कंपार्ट के पास दोन नहर में नहाने के दौरान भोला चौहान (12) की दोन नहर में डूबने से मौत हो गई। उसके शव को नौ जून को बरामद कर लिया गया। डूबने से हो रही मौत को बगहा में कहर माना जा रहा है।