पीडीएस के चावल की गुणवत्ता पर उठे सवाल
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वैशाली जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय परिसर के पुष्करणी सभागार में सोमवार को जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वैशाली जिले के प्रभारी मंत्री निशांत कुमार, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग ने की। इस दौरान लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन, जिले के प्रभारी मंत्री/अन्य मंत्री संजय कुमार सिंह सहित जिले के तमाम विधायक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
पीडीएस के चावल की गुणवत्ता पर उठे सवाल
बैठक के दौरान जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों पर मिलने वाले चावल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठे। राशन में खराब चावल मिलने की शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन भड़क उठे और समिति के सदस्यों तथा अधिकारियों के समक्ष ही एक अधिकारी को जमकर फटकार लगाई। मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि राइस मिलों से आपूर्ति किया जाने वाला चावल घटिया स्तर का है और इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
विकास योजनाओं और वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्तावों की समीक्षा
गरमागरम माहौल के बीच बैठक में जिले के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान नगर निकायों के गठन, क्षेत्र विस्तार और उत्क्रमण से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा की गई। संबंधित पदाधिकारियों द्वारा इन प्रस्तावों पर विस्तृत जानकारी रखी गई, जिसके बाद विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श कर नियमानुसार अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अनुपालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों की अद्यतन स्थिति और विभागों द्वारा की गई कार्रवाई का जायजा लिया गया। विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए उनके समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
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गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष जोर
प्रभारी मंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखें। साथ ही, जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। बैठक के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समिति के सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं और विकास से जुड़े मुद्दे उठाए। इस पर प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।