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Bihar: 'किसी को भी हल्के में बयानबाजी नहीं करनी चाहिए', ईरान-इस्राइल युद्ध पर बोले चिराग पासवान

Sun, 01 Mar 2026 10:13 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाजीपुर

सार

चिराग पासवान ने हाजीपुर में ईरान और इस्राइल के बीच चल रहे युद्ध पर गंभीर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है, इसलिए किसी भी दल को हल्के में बयानबाजी नहीं करनी चाहिए।
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चिराग पासवान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हाजीपुर पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने ईरान और  इस्राइल के बीच चल रहे युद्ध और मारे गए खामेनेई को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है और कई देश इन परिस्थितियों में उलझे हुए हैं। ऐसे में किसी को भी हल्के में बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है। हमारा देश बुद्ध का देश है और हम युद्ध से ज्यादा वार्तालाप में विश्वास करते हैं। भारत की ओर से भी अधिकृत बयान में यही कहा गया है कि सभी पक्ष एक साथ बैठकर बातचीत से समाधान निकालें।
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ईरान पुराना साथी,  इस्राइल से मजबूत हुए संबंध

चिराग पासवान ने कहा कि ईरान भारत का पुराना साथी रहा है। वहीं  इस्राइल के साथ भी हाल के वर्षों में भारत के संबंध मजबूत हुए हैं। ऐसे में भारत को अपने पुराने दोस्तों का साथ देते हुए सभी के साथ संतुलन बनाकर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से जुड़ा हुआ है। इसलिए किसी भी पार्टी या दल को सोच-समझकर बयान देना चाहिए। सरकार का अधिकृत बयान ही सामने आना चाहिए।

खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार की चिंता खासकर बिहार के लोगों को लेकर है, जो खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें सुरक्षित भारत लाना सरकार की जिम्मेदारी है। इस दिशा में सरकार ने काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 से 12 वर्षों में जहां भी युद्ध की स्थिति बनी है, भारत ने तत्परता के साथ अपने लोगों को वापस लाने का काम किया है। यूक्रेन के उदाहरण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भारतीय तिरंगा देखने पर दूसरे देशों के नागरिकों को भी ग्रीन चैनल मिल जाता था। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में फंसे देशवासियों को वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए वापस लाया जाएगा। भले ही एयरवेज बंद हो गए हों, लेकिन सरकार इस दिशा में सक्रिय हो गई है।
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