दरभंगा जिले के कई लोग ईरान द्वारा किए गए हमलों के बाद खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं, जिससे उनके परिवारों में चिंता का माहौल है। सिमरी, बसतबाड़ा, अलीनगर और करमगंज सहित विभिन्न इलाकों के लोग कुवैत और कतर जैसे देशों में काम कर रहे हैं।
ईरान द्वारा एक साथ आठ देशों पर हमले की खबरों के बीच दरभंगा जिले के सैकड़ों लोगों के खाड़ी देशों में फंसे होने की बात सामने आई है। इससे उनके परिजन काफी चिंतित हैं और सरकार से सुरक्षित वापसी की गुहार लगा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सिमरी थाना क्षेत्र के मो. जूही, मो. पप्पू, मो. जब्बार, राजकिशोर शर्मा और प्रदीप महतो के अलावा बसतबाड़ा के मो. फरीद और हारून खाड़ी देश में फंसे हुए हैं। वहीं कुवैत में रहने वाले अखलाकुर रहमान के परिजन मो. फजलूर रहमान ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि आगे क्या होगा और उनका बेटा कैसे घर लौटेगा, इस सोच से परिवार परेशान है। कतर में फंसे नासिर अनवर के पिता ने कहा कि उनका बेटा वहां फंसा हुआ है और आगे की स्थिति को लेकर वे चिंतित हैं।
विज्ञापन
शहरी इलाकों के लोग भी फंसे
शहर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के अलीनगर मोहल्ला निवासी मो. जलाउद्दीन और लहेरियासराय थाना क्षेत्र के करमगंज मोहल्ला निवासी बदरुल हसन भी युद्ध जैसे माहौल के बीच विदेश में फंसे हुए हैं। सभी के परिजन केंद्र सरकार से अपील कर रहे हैं कि उनके लोगों को सुरक्षित वापस लाया जाए।
लहेरियासराय थाना क्षेत्र के करमगंज की रहने वाली जहांआरा ने बताया कि उनकी पति से बातचीत हो रही है। उनके पति ने बताया है कि नागरिक इलाकों में अभी हमला नहीं हो रहा है और वे सुरक्षित हैं। फिर भी परिवार को किसी अनहोनी की चिंता सता रही है।
सिमरी थाना क्षेत्र के बनौली गांव निवासी मो. गफ्फार ने बताया कि उनका भाई जब्बार तीन साल से घर नहीं आया है। इस बार ईद पर घर आने वाला था, लेकिन अब स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। परिजनों का कहना है कि वे लगातार सरकार से अपील कर रहे हैं कि उनके परिजनों को सुरक्षित वापस लाया जाए।