फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: जीवित मां को मृत दिखाकर लाखों रुपये की जमीन बेची, अब पुलिस ने बेटे सहित चार को किया गिरफ्तार

Mon, 29 Dec 2025 11:52 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली

सार

Vaishali News: अपनी मां की मौत की झूठी अफवाह फैलाकर बेटे ने लाखों रुपये की जमीन बेच दी। जब मां को जब इस बात की भनक लगी तो वह हैरान रह गईं। वह पहले थाने गईं लेकिन न्याय नहीं मिला तो उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 
विज्ञापन
गिरफ्तार चारों आरोपी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वैशाली जिले में जमीन से जुड़े एक सनसनीखेज फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जहां एक बेटे पर अपनी जीवित मां को कागजों में मृत दिखाकर लाखों रुपये की जमीन बेचने का आरोप लगा है। पीड़िता कैलाश देवी उर्फ कैलसिया देवी ने अपने बड़े बेटे पर धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उन्होंने पहले हरिलोचनपुर सुक्की थाना में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर वह अपने छोटे बेटे नंद किशोर सिंह के साथ हाजीपुर न्यायालय पहुंचीं। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वैशाली के पुलिस अधीक्षक को प्राथमिकी दर्ज कर जांच का आदेश दिया। इसके बाद 12 सितंबर को नगर थाना, हाजीपुर में मामला दर्ज किया गया।

विज्ञापन


जिंदा मां को मृत दिखाकर कराई गई रजिस्ट्री
एफआईआर के मुताबिक, कैलाश देवी खाता संख्या 529, खेसरा संख्या 325 और जमाबंदी संख्या 1252 में दर्ज जमीन की वैध मालिक हैं और नियमित रूप से सरकार को लगान देती रही हैं। आरोप है कि उनके बड़े बेटे नवल किशोर सिंह ने गांव के अरुण कुमार सिन्हा के साथ मिलकर साजिश रची और 3 जुलाई 2023 को हाजीपुर जिला निबंधन कार्यालय में फर्जी बिक्री विलेख (डीड संख्या 7523) तैयार कराया। इसमें कैलाश देवी को मृत दर्शाया गया, जबकि वह जीवित थीं। आरोप है कि रजिस्ट्री के दौरान दस्तावेजों की न तो ठीक से जांच की गई और न ही स्थल सत्यापन किया गया। कातिब, गवाह, पहचानकर्ता, विक्रेता और क्रेता की मिलीभगत से पूरी फर्जी रजिस्ट्री कराई गई। पेशा ‘काश्तकारी’ दिखाकर इस फर्जीवाड़े को वैध रूप देने का प्रयास किया गया।
Bihar News: सीवान में युवक का शव मिलने के बाद बवाल, गुस्साए लोगों ने किया हाईवे जाम; जानिए पूरा मामला
विज्ञापन
विज्ञापन


निबंधन कार्यालय की भूमिका संदेह के घेरे में
इस मामले में हाजीपुर जिला निबंधन कार्यालय की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। कातिब रंजीत सिंह की संलिप्तता संदिग्ध बताई जा रही है। पुलिस ने कातिब की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी शुरू कर दी है। नगर थाना पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में पीड़िता का बड़ा पुत्र व विक्रेता नवल किशोर सिंह, जमीन का क्रेता अरुण कुमार सिन्हा, पहचानकर्ता सुनील भगत (निवासी मौदह बुजुर्ग) और गवाह रामबाबू सहनी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और निबंधन कार्यालय से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जा रही है। जल्द ही शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें