मुजफ्फरपुर रेलवे जंक्शन परिसर से धर्मस्थल हटाए जाने के 50वें दिन हिंदूवादी संगठनों ने काला दिवस मनाते हुए विरोध मार्च निकाला और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान विभिन्न हिंदूवादी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता स्टेशन परिसर पहुंचे और रेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जिस स्थान पर पूर्व से धर्मस्थल स्थापित था, हमें वही स्थान चाहिए। रेल प्रशासन द्वारा जिस तरह से रातों-रात धर्मस्थल को हटाया गया, वह न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को भी आहत करने वाला है। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
प्रदर्शन मार्च मुजफ्फरपुर शहर के कल्याणी चौक से निकला और विभिन्न इलाकों से होते हुए जंक्शन परिसर स्थित सर्कुलेटिंग एरिया तक पहुंचा। वहां भीड़ ने एकजुट होकर सरकार और रेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार के साथ-साथ स्थानीय सांसद के खिलाफ भी अपना आक्रोश जताया।
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प्रदर्शन में शामिल विक्रम कुमार ने कहा कि जिस स्टेशन की शुरुआत ‘महावीर द्वार’ से होती है, वहीं स्थित धर्मस्थल को हटाना हिंदू भावनाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि अब हम चुप नहीं बैठेंगे और लगातार विरोध प्रदर्शन कर अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद राजभूषण निषाद के खिलाफ भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिन सांसद को हमने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए चुना, वही आज मौन हैं। उनमें हमारे समर्थन में आने की हिम्मत नहीं दिख रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक धर्मस्थल की पुनर्स्थापना नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और वे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करेंगे।