मुजफ्फरपुर जिला पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो मदद करने के नाम पर राहगीरों को वाहन में बैठाकर मदद के नाम पर लूट करने का काम करता था। मामले में पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को पकड़ा है, जो पूर्वी चंपारण जिले के रहने वाले हैं। इसमें एक शातिर मास्टरमाइंड भी शामिल है। मामले की जानकारी SDPO टाउन टू बिनीता सिन्हा ने दी।
दरअसल, बीते कुछ महीने से शहर और आसपास के इलाके में बाहर से आने वाले राहगीर को मदद करने के नाम पर गाड़ी में बैठाकर लूट करने की घटना को दिया जा रहा था। इसके बाद गाड़ी में बैठाकर राहगीर से हथियार के बल पर लूटपाट करने का काम करते थे। फिर उसको एक सुनसान क्षेत्र में छोड़कर फरार हो जाया करते थे और फिर भाग जाया करते थे। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो शातिर बदमाशों को पकड़ा है, जिनके पास से एक पिस्टल और लूटी गई सामग्री को बरामद किया गया है।
अहियापुर थाना क्षेत्र के संगम घाट से दोनों को पकड़ा गया है और इस दौरान एक बोलेरो वाहन जिस से घटना को अंजाम दिया जा रहा था, उसे भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। पकड़े गए दोनों ही शातिर बदमाश की पहचान बृजेश कुमार और अर्जुन सहनी दोनों पूर्वी चंपारण जिले के डुमरिया घाट के रहने वाले हैं और यहां पर बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के पास में रहकर रेकी कर यात्री को निशाना बनाने का काम करते थे।
एसडीपीओ ने बताया, गिरोह के मास्टर माइंड भी गिरफ्तार
इस मामले की जानकारी देते हुए एसडीपीओ टाउन टू बिनीता सिन्हा ने बताया, एक गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। जो यात्रियों को अपने वाहन में बैठाकर लूट किया करते थे। लूट के लिए यह गिरोह डिजिटल ट्रांजेक्शन भी करवा लिया करते थे और जिसके पास नहीं होती थी, उसे लूट हथियार के बल पर किया करते थे। मामले में लूट में इस्तेमाल वाहन जब्त किया गया है और एक पिस्टल बरामद की गई है। इस गिरोह का मास्टरमाइंड अर्जुन सहनी है, जो इस गिरोह को ऑपरेट कर रहा था और इसके ऊपर पूर्व से भी कई मामले दर्ज रहे हैं। पुलिस मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़े जाने के लिए कार्रवाई कर रही है।