बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को अचानक वैशाली पहुंचे। यहां उन्होंने वैशाली स्थित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मृति स्तूप परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यटक सुविधाओं, व्यवस्थाओं एवं कराए गए विकास कार्यों की जानकारी ली तथा अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश भी दिए।
CM ने किया धातु स्तूप जाने वाले मार्ग का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मृति स्तूप से प्राचीन धातु स्तूप जाने वाले मार्ग का फीता काटकर उद्घाटन भी किया। उन्होंने परिसर में स्थापित शिलापट्टों पर अंकित बौद्ध प्रतीकों के अर्थ एवं उपदेशों का अवलोकन किया। इसके साथ ही स्मृति स्तूप के भूतल पर स्थापित भगवान बुद्ध की प्रतिमा की पूजा-अर्चना कर राज्य में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
सीएम ने क्या कहा?
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वैशाली ऐतिहासिक एवं पौराणिक भूमि है। बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मृति स्तूप का निर्माण बहुत ही अच्छे ढंग से कराया गया है। परिसर को पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी काफी बेहतर बनाया गया है, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को सुखद अनुभव हो। उन्होंने कहा कि यह स्थल न केवल वैशाली को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करेगा, बल्कि पर्यटन, संस्कृति एवं रोजगार को भी बढ़ावा देगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा भगवान बुद्ध से जुड़े सभी स्थलों का विकास कराया गया है तथा बौद्ध पर्यटन स्थलों को एक सर्किट के रूप में जोड़ा गया है, जिससे आने वाले पर्यटक राजगीर, पटना, वैशाली, केसरिया स्तूप एवं पश्चिमी चंपारण होते हुए कुशीनगर तक यात्रा कर सकते हैं।
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प्रशासन ने किया था व्यवस्था
मुख्यमंत्री के वैशाली भ्रमण कार्यक्रम को सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला पदाधिकारी, वैशाली वर्षा सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला पदाधिकारी द्वारा कुल 125 दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती की गई थी।