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Bihar: मुर्दों के इलाज के नाम पर पैसे की उगाही और फर्जीवाड़े का मामला, NHRC, BHRC और UPHRC में याचिका हुई दायर

Thu, 13 Mar 2025 04:24 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुज्जफरपुर

सार

Bihar: यूपी, बिहार के कई सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों की ओर से मुर्दों के इलाज के नाम पर पैसे की उगाही और फर्जीवाड़ा का मामला अब मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। आइये जानते हैं पूरा मामला। 
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मुर्दों के इलाज फर्जीवाड़ा मामला मानवाधिकार पहुंचा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश और बिहार के सरकारी व निजी अस्पतालों में कथित रूप से मुर्दों के इलाज और इस आड़ में चल रहे गोरखधंधे का मामला उजागर हुआ है। इस गंभीर प्रकरण को लेकर मानवाधिकार अधिवक्ता डॉ. एस.के. झा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग (BHRC) और उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग (UPHRC) में तीन अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं।
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क्या है पूरा मामला?
हाल ही में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि बिहार और उत्तर प्रदेश के कई सरकारी व निजी अस्पतालों में मृत व्यक्तियों के इलाज के नाम पर पैसे की उगाही और फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि ऑपरेशन और अन्य चिकित्सीय प्रक्रियाओं के दौरान अस्पतालों के कर्मी और चिकित्सक इस तरह की धोखाधड़ी में संलिप्त हैं। इन घटनाओं को गुप्त कैमरों की मदद से रिकॉर्ड किया गया, जिससे यह सनसनीखेज मामला सामने आया।

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डॉ. एस.के. झा ने इस पूरे प्रकरण को मानवाधिकार कानून और चिकित्सकीय आचार संहिता का घोर उल्लंघन बताया है। उन्होंने अपनी याचिका में यह मांग की है कि गहराई से जांच हो और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए। आगे ये भी कहा गया है कि जिन अस्पतालों और चिकित्सकों ने इस फर्जीवाड़े में भूमिका निभाई है, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
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आयोग मामले को संज्ञान में ले
कहा जा रहा है कि यह मामला केवल आर्थिक धोखाधड़ी ही नहीं, बल्कि चिकित्सा जगत की साख पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है, इसलिए मानवाधिकार आयोग को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। डॉ. झा ने कहा कि यह मामला संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है और इसमें दोषियों पर आपराधिक धाराओं के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। अब यह देखना होगा कि मानवाधिकार आयोग इस पर क्या रुख अपनाता है और कब तक इस पर ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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