‘सपनों की उड़ान के लिए हालात की बेड़ियां मायने नहीं रखतीं।’ इस कहावत को वैशाली जिले के बिदुपुर प्रखंड की रहने वाली रोशनी कुमारी ने सच कर दिखाया है। बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 में कॉमर्स संकाय में पूरे बिहार में टॉप कर रोशनी ने अपने परिवार, गांव और जिले का नाम रोशन किया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा मंगलवार को घोषित परिणाम में रोशनी ने बिहार में कॉमर्स संकाय में पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से उनके परिवार और पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है।
गरीब परिवार की बेटी ने किया कमाल
रोशनी के पिता सुधीर कुमार सिंह एक ऑटो चालक हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति ज्यादा मजबूत नहीं है। बावजूद इसके, उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। रोशनी की मां आरती देवी एक गृहिणी हैं और उन्होंने अपनी बेटी को हर परिस्थिति में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। रोशनी ने रुपयों की तंगी को अपनी पढ़ाई में कभी आड़े नहीं आने दिया और कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर बिहार टॉपर बनने का गौरव हासिल किया।
बचपन से ही मेधावी रही हैं रोशनी
रोशनी की शिक्षा का सफर बेहद साधारण स्कूलों से शुरू हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा काशीपुर चकबीबी के प्राथमिक विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद संस्कार भारती प्राइवेट स्कूल से आगे की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने इंटरमीडिएट की शिक्षा हाजीपुर के जमुनी लाल कॉलेज से प्राप्त की और अपनी लगन व मेहनत से पूरे बिहार में पहला स्थान पाया। रोशनी तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनकी छोटी बहन सोनाली 10वीं कक्षा में पढ़ती हैं, जबकि सबसे छोटा भाई रौनक कुमार 5वीं कक्षा का छात्र है।
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बिहार टॉपर बनने पर घर-गांव में जश्न का माहौल
रोशनी की इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरा गांव खुशी मना रहा है। ग्रामीण, शिक्षक और स्थानीय लोग बधाई देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं। बिहार टॉपर बनने के बाद रोशनी और उनके परिवार के लिए यह एक अभूतपूर्व क्षण है। उनके पिता का कहना है कि बेटी ने जो कर दिखाया, उससे हमारा सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। हमने कठिनाइयों को सहकर भी उसकी पढ़ाई को प्राथमिकता दी और आज वह बिहार की टॉपर बन गई।
अब रोशनी आगे सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) बनने का सपना देख रही हैं और अपने करियर को ऊंचाइयों तक ले जाना चाहती हैं। बिहार बोर्ड के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार द्वारा घोषित परिणाम के अनुसार, बिहार में इस साल इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 86.5% छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं।
बेगूसराय की रूकैया फातिमा बनी बिहार की सेकंड टॉपर, IAS बनकर समाज में लाना चाहती हैं बदलाव
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा घोषित इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 के परिणाम में बेगूसराय की रूकैया फातिमा ने आर्ट्स संकाय में पूरे बिहार में दूसरा स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा गांव और स्कूल गर्व महसूस कर रहा है।
रूकैया फातिमा तेघड़ा प्रखंड के तकिया गांव की रहने वाली हैं। उनका सपना आईएएस अफसर बनकर समाज में बदलाव लाने का है। सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाली रूकैया के पिता कोलकाता में एक छोटी सी दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां एक गृहिणी हैं। आर्थिक संसाधनों की सीमित उपलब्धता के बावजूद परिवार में शिक्षा का माहौल हमेशा से रहा है, जिससे प्रेरित होकर रूकैया और उनकी बहनों ने पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
पढ़ाई के प्रति समर्पण और मेहनत से मिली सफलता
रूकैया फातिमा बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा में 444 अंक हासिल किए थे और तभी से उनके मन में एक बड़ा मुकाम हासिल करने की ललक थी। उन्होंने बताया कि उनकी पढ़ाई का कोई निश्चित रूटीन नहीं था, लेकिन परीक्षा नजदीक आने पर उन्होंने समय बढ़ाकर अधिक घंटों तक पढ़ाई की। उनकी मेहनत का नतीजा आज पूरे बिहार के सामने है।
रूकैया ने बताया कि मैंने कभी हार नहीं मानी और मेहनत जारी रखी। अगर कोई भी छात्र अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहेगा, तो सफलता जरूर मिलेगी। मैं आगे चलकर IAS बनना चाहती हूं ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकूं। उन्होंने कहा कि मैं IAS बनकर गरीब और पिछड़े लोगों की मदद करना चाहती हूं। शिक्षा ही समाज को बदलने की सबसे बड़ी ताकत है और मैं इसे बढ़ावा देने के लिए काम करूंगी।
परिवार और स्कूल में खुशी का माहौल
रूकैया की इस कामयाबी पर उनके परिवार में खुशी की लहर है। उनकी मां अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर बेहद गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। स्कूल पहुंचने पर शिक्षकों और कर्मियों ने उनका भव्य स्वागत किया, जिससे रूकैया और भी उत्साहित हो गईं।
बीएन हाई स्कूल तेयाय के शिक्षकों ने उनकी मेहनत और लगन की सराहना की। स्कूल के प्रधानाध्यापक ने कहा कि रूकैया ने यह साबित कर दिया कि कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से हर कोई अपनी मंजिल तक पहुंच सकता है। वह हमारी स्कूल की शान हैं।
वहीं, जीडी कॉलेज बेगूसराय के अंकित कुमार का साइंस में शानदार प्रदर्शन रहा। छात्र अंकित कुमार ने साइंस संकाय में 95% अंक हासिल कर बिहार में टॉप फाइव में अपनी जगह बनाई है। उनकी इस उपलब्धि पर स्कूल, परिवार और जिले भर में हर्ष का माहौल है।
जमुई की अनुप्रिया ने इंटर साइंस में लहराया परचम, बनी बिहार की चौथी टॉपर
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा घोषित इंटर साइंस परीक्षा 2025 के परिणाम में जमुई जिले की अनुप्रिया ने 95.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे बिहार में चौथा स्थान हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा गांव, विद्यालय और जिला गर्व महसूस कर रहा है।
अनुप्रिया ने यह सफलता कठिन परिस्थितियों और संसाधनों की कमी के बावजूद हासिल की है। उनके स्कूल प्लस टू हाईस्कूल मिर्जागंज में विज्ञान के शिक्षक नहीं थे, फिर भी उन्होंने स्वअध्ययन और कोचिंग की मदद से यह मुकाम हासिल किया। उनकी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास ने यह साबित कर दिया कि सच्ची इच्छाशक्ति से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
पढ़ाई के साथ मां के कामों में भी करती थीं मदद
अनुप्रिया अलीगंज मानपुर गांव निवासी कृष्ण मुरारी कुमार की बेटी हैं। उनके पिता चकाई प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय ऊपर सफा चकाई में शिक्षक हैं, जबकि उनकी मां एक गृहिणी हैं। अनुप्रिया तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर हैं और अपनी मां के घर के कामों में हाथ बंटाने के बावजूद पढ़ाई में हमेशा अव्वल रही हैं।
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उनके पिता ने बताया कि अनुप्रिया बचपन से ही पढ़ाई में बहुत मेधावी थी। मां के कामों में मदद करने के बावजूद वह ज्यादातर समय अपनी पढ़ाई को ही देती थी। उसकी मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि उसने पूरे बिहार में चौथा स्थान प्राप्त किया है।
बिना विज्ञान शिक्षक के मिली यह बड़ी उपलब्धि
अनुप्रिया ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्लस टू हाईस्कूल मिर्जागंज से पूरी की, लेकिन वहां विज्ञान का कोई शिक्षक नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने स्व-अध्ययन और कोचिंग क्लास की मदद से साइंस विषय में इतनी शानदार सफलता पाई। अनुप्रिया ने कहा कि विद्यालय में साइंस का शिक्षक नहीं था, लेकिन मैंने हार नहीं मानी। मैंने घर पर खुद से पढ़ाई की और कोचिंग में जाकर कठिन विषयों को समझने की कोशिश की। नियमित पढ़ाई और अनुशासन ने मुझे यह सफलता दिलाई है।
आईएएस बनकर समाज के लिए करना चाहती हैं काम
अपनी आगे की योजना के बारे में बताते हुए अनुप्रिया ने कहा कि मेरा सपना आईएएस बनना है। मैं पहले नीट की परीक्षा देकर मेडिकल की पढ़ाई पूरी करूंगी, फिर आईएएस की तैयारी करूंगी। मेरा लक्ष्य समाज के वंचित वर्गों के लिए काम करना और शिक्षा को बढ़ावा देना है।
उनकी इस सोच को सुनकर परिवार और स्कूल के शिक्षक भी गर्व महसूस कर रहे हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने कहा कि अनुप्रिया ने यह साबित कर दिया कि अगर सच्ची मेहनत और लगन हो, तो संसाधनों की कमी भी सफलता में बाधा नहीं बन सकती। वह हमारे विद्यालय और जिले की शान हैं।
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गांव और जिले में खुशी की लहर
अनुप्रिया की सफलता की खबर मिलते ही पूरे गांव और स्कूल में जश्न का माहौल है। उनके घर पर रिश्तेदारों, दोस्तों और गांव के लोगों का तांता लगा हुआ है। सभी ने उन्हें मिठाइयां खिलाकर और फूल माला पहनाकर सम्मानित किया। परिवारवालों का कहना है कि अनुप्रिया की सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। उनकी मेहनत और संघर्ष ने यह साबित कर दिया कि अगर सच्ची लगन और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी मुश्किल रास्ते को नहीं रोक सकती।
बिहार बोर्ड के टॉपर्स को मिलेंगे सम्मान
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने घोषणा की है कि राज्य टॉपर्स को राशि पुरस्कार, लैपटॉप और किंडल ई-रीडर दिए जाएंगे। जिला स्तर के टॉपर्स को भी विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।