बेतिया में शिक्षक के दुर्व्यवहार से परेशान अभिभावक तीन दिनों से बच्चों को विद्यालय नहीं भेज रहे हैं। मामला जिले के लौरिया प्रखंड के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय सौराहा का है। जहां पर सैकड़ों ग्रामीणों ने बुधवार को विद्यालय के गेट पर पहुंचकर जमकर बवाल काटा।
बवाल काट रहे उप मुखिया परवेज आलम, ग्रामीण ओमप्रकाश कुशवाहा, धनंजय कुमार दुबे, फूलमती देवी, तेतरी देवी, आदर्श कुमार, मुकेश कुमार, सोनू कुमार, मनोज कुशवाहा और अशोक कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय के एचएम राजेश प्रसाद तथा सहायक शिक्षक संजय कुमार सिंह के अभद्र व्यवहार से विद्यालय में पढ़ रहे सभी छात्र-छात्राएं परेशान हैं। विद्यालय में मध्यान्ह भोजन मानक के अनुसार और समयानुसार नहीं खिलाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों शिक्षकों के दुर्व्यवहार की वजह से उच्च क्लास की लड़कियां पढ़ने नहीं जाती हैं।
विरोध जता रहे ग्रामीणों ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देकर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। ग्रामीणों ने अपने आवेदन में बीईओ को बताया कि वार्ड सदस्य अर्चना देवी और सचिव जयंती देवी ने इस बात की पूछताछ जब एचएम से की तो दोनों महिलाओं के साथ एचएम ने अभद्र वार्तालाप किया। वहीं, एचएम ने मारपीट कर ग्रामीणों को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी। मध्यान्ह भोजन बनाने में छात्र-छात्राओं से बाल्टी में पानी भरवाया जाता है। ग्रामीणों ने आवेदन की प्रति जिला शिक्षा पदाधिकारी पश्चिमी चंपारण बेतिया, अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग बिहार पटना और शिक्षा मंत्री बिहार सरकार पटना को भी भेजी है।
इधर, एचएम राजेश कुमार ने बताया कि हमारे ऊपर लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद हैं। जिस गांव के स्कूल में मैं पढ़ाता हूं, उस गांव में मेरी जमीन है। जो लोग मेरे ऊपर आरोप लगा रहे हैं, उन लोगों से हमारा जमीनी विवाद है। मुझे किसी तरह से बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि रही एमडीएम की बात तो एमडीएम में जिस दिन दाल, सब्जी और चावल बनाना होता है तो दस मिनट इधर-उधर हो जाते हैं।
वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण ने बताया कि मामले की जानकारी मुझे मिली है। एक जांच टीम गठित कर विद्यालय भेजी जाएगी। ग्रामीणों से बात कर स्कूल व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर प्रिंसिपल और शिक्षक पर कार्रवाई की जाएगी।