बिहार के बेतिया में कोचिंग जाने के दौरान बुधवार को बदमाशों ने भाजपा नेता धर्मेंद्र राय के भतीजे आदित्य राज उर्फ गोल्डेन का अपहरण कर उसे स्कॉर्पियो से लेकर गए थे। न्यायालय में दिए बयान में गोल्डन ने यह पर्दाफाश किया है। उसने पुलिस के दावे को झुठला न्यायालय में दिए बयान में अपने अपहरण होने की बात कही है। दरअसल, पुलिस ने आदित्य राज उर्फ गोल्डेन का अपहरण होने के मामले को गलत बताया था और खुद से भागने की बात कही थी।
जानकारी के मुताबिक, न्यायालय में दिए बयान में आदित्य ने बताया कि वह घर से कोचिंग के लिए निकलने के बाद रास्ते में पेशाब करने के लिए रुक गया था। इसी दौरान कुछ लोग आए और उसे जबरन कार में बैठा कर लेकर चल दिए। फिर उसे एक जगह ले जाकर एक कुर्सी से बांध दिया। उसे कुर्सी से बांधने के बाद अपहर्ता कहीं चले गए। इसी दौरान मौका देखकर वह कुर्सी से बंधनमुक्त होकर सड़क किनारे एक ढाबे में पहुंचा और अपनी आपबीती बताई। गोल्डन ने बताया कि ढाबे पर मौजूद एक व्यक्ति ने ही मुझे एक जगह सुरक्षित रखा और घरवालों को सूचना दी। तब घरवाले और पुलिस पहुंची और उसे लेकर बेतिया आई।
गौरतलब है कि बुधवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के एसपी कॉलोनी से कोचिंग जाने के दौरान आदित्य राज उर्फ गोल्डेन का अपहरण होने की सूचना पुलिस को मिली थी। लेकिन बाद में पुलिस ने दावा किया था कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। वह खुद ही पूर्वी चंपारण के मेहसी भाग गया था। बुधवार की शाम मीडिया को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए एसडीपीओ माहताब आलम ने बताया कि लड़का यूट्यूबर है और बॉडी बिल्डिंग करता है। यूट्यूब पर भी वीडियो बनाकर डालता है। वह आगे इसी में काम करना चाहता था, लेकिन परिवार के लोग राजी नहीं थे। वह उसे पढ़ाई पर फोकस करने को कहते थे। इसलिए उसने ऐसा कदम उठाया।
एसडीपीओ के अनुसार, लड़का अपने भाई के साथ ट्यूशन जा रहा था। उसी दौरान वह उसे आगे बढ़ाकर खुद खेत के रास्ते बेतिया स्टेशन पहुंचा। फिर ट्रेन से पूर्वी चंपारण के मेहसी चला गया। वहां एक लाइन होटल के मालिक के पास काम मांगने लगा। उससे आईडी और पता के बारे में पूछा गया। इसके बाद ही लड़के की पहचान हुई।